डीजीपी लाठर हुए सेवानिवृत्त,सेरेमोनियल परेड का हुआ आयोजन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान के पुलिस मुखिया डीजीपी एमएल लाठर गुरुवार को रिटायर हो गये। डीजीपी के रिटायरमेंट के अवसर पर राजस्थान पुलिस अकादमी में सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। डीजीपी एमएल लाठर की सेवानिवृत्ति के मौके पर जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीजीपी एमएल लाठर को आरपीए मुख्य द्वार से पुलिस परम्पराओं के अनुसार घुड़सवार पुलिस और मोटर साईकिल राईडर्स की ओर से सम्मानपूर्वक स्टेडियम तक लाया गया। डीजीपी को भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस के कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में डीजीपी एमएल लाठर अपने परिवार सहित शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम में नामित डीजीपी उमेश मिश्रा भी अपने परिवार सहित पहुंचे। राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित सेरेमोनियल परेड़ में जयपुर स्थित चौथी और पांचवी बटालियन आरएसी, हाडीरानी महिला बटालियन, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, यातायात पुलिस, जयपुर ग्रामीण और ईआरटी की टुकड़ियों ने सेन्ट्रल बैण्ड की मधुर स्वर लहरियों के साथ कदम से कदम मिलाकर डीजीपी एमएल लाठर को सलामी दी। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीजीपी एमएल लाठर ने शानदार परेड के लिये आरपीए निदेशक और उनकी टीम के साथ परेड में शामिल पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने डीजीपी के रूप में 2 वर्षों सहित सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग के लिये सभी पुलिस कार्मिकों का भी आभार जताया। अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि सेवा काल में जुवेनाइल मामलों के लिए महिला सहायक उपनिरीक्षक की तैनाती, साइबर थानों की शुरूआत, पुलिस कर्मियों की पदोन्नति, सिपाहियों को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त करने, पुलिस थानों में स्वागत कक्ष बनाने, पुलिस कर्मियों के लिए रोडवेज पास की सुविधा, पुलिस कर्मियों के लिए कोविड़ पैकेज, थानाधिकारी के रूप में पुलिस निरीक्षक की तैनाती और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट सहित अन्य काम हुए। डीजीपी ने कहा कि लंबित प्रकरणों के निस्तारण में देश में अग्रणी है। पूरे सेवाकाल के दौरान कई पुलिस महकमे के लिए कई काम किए, लेकिन किसी भी कार्मिक का सेवाकाल अव्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में ही लग जाता है।

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