लोकतांत्रिक ढांचे में पत्रकारिता की भूमिका अहम-सीएम गहलोत।

जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि समाचार पत्र निकालना तथा समाचारों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। कोविड महामारी के दौरान समाचार पत्रों के प्रकाशन में कई नई चुनौतियां आई। सरकार द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को सकारात्मक रूप में जनता तक पहुंचाने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।मुख्यमंत्री जोधपुर में दैनिक जलतेदीप तथा मासिक माणक पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित माणक अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में समाचार पत्रों का अहम योगदान है। राज्य सरकार द्वारा राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। केन्द्र सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण अभी तक राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिल सकी है। जल्द ही राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक बैठक आयोजित की जाएगी।
महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में गांधी जी के विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। महात्मा गांधी के नाम से पूरे विश्व में भारत की एक अलग पहचान बनी है। गांधी दर्शन से जुड़े आयोजनों में भाग लेने से युवा पीढ़ी में अहिंसावादी संस्कार मजबूत होते हैं तथा उत्कृष्ट मानव संसाधन का निर्माण होता है। गहलोत ने कहा कि उन्हें आमजन की सेवा करने की प्रेरणा गांधी दर्शन से ही मिली। गांधी जी के विचारों ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया। पूर्ववर्ती केन्द्र सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रस्ताव पारित करवाकर गांधी जी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर को पूरे विश्व में अहिंसा दिवस घोषित करवाया गया। राज्य सरकार द्वारा जनमानस में गांधीवादी विचारधारा का समावेश करने के लिए सत्य और अहिंसा विभाग की स्थापना की गई है।
लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अहम।
गहलोत ने कहा कि विविधताओं से परिपूर्ण हमारे देश में अभिव्यक्ति की आजादी का स्थान महत्वपूर्ण है। असहमति जताने के अधिकार को संरक्षित करने से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तथ्यात्मक आलोचना का हमेंशा स्वागत किया है। परन्तु वर्तमान राजनैतिक परिस्थितियों में अभिव्यक्ति का अधिकार लगातार कमजोर किया जा रहा है।
राज्य में कोविड महामारी के दौरान हुआ शानदार प्रबंधन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी में राज्य में शानदार प्रबंधन किया गया। यहां के भीलवाड़ा मॉडल की देशभर में सराहना हुई। राज्य सरकार ने कोरोना महामारी में ड्यूटी करते हुए प्राण गंवाने वाले स्वास्थ्य-कर्मियों के साथ-साथ सभी कर्मचारियों व पत्रकारों को भी 50 लाख रूपए का बीमा देने का निर्णय किया। कोई भूखा ना सोए के संकल्प के साथ राज्य में सभी जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन का प्रबंध किया गया। प्रदेश में सर्वेक्षण के माध्यम से 35 लाख अति निर्धन लोगों की पहचान कर उनके निर्वहन की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। राज्य सरकार द्वारा कोविड महामारी में महंगे इंजेक्शन व दवाइयां आमजन को निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई। ऑक्सीजन की कमी से राज्य में कोई जनहानि नहीं हुई। रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों, ठेले वालों आदि को राज्य सरकार द्वारा 5500 रूपए की आर्थिक सहायता दी गई।
देशभर में हो रही राज्य में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की चर्चा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की आज पूरे देश में चर्चा है। चिरंजीवी योजना के माध्यम से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इस योजना के तहत प्रदेशवासियों के लिए 10 लाख तक का इलाज निःशुल्क कर दिया गया है। लीवर ट्रांस्प्लांट, किडनी ट्रांस्प्लांट, कोक्लियर इम्प्लांट आदि जटिल उपचारों में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोडने के क्रम में 1 करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन दी जा रही है। इन्दिरा रसोई योजना में 8 रूपए में आमजन को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार के कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया गया है, साथ ही उन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आरजीएचएस योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा इस अवसर पर 3 पत्रकारों को माणक अलंकरण सम्मान तथा 15 पत्रकारों, छायाकारों, जनसंपर्क कर्मियों व साहित्यकारों को विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाले पत्रकारों, जनसम्पर्क कर्मियों और साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने विचारों और लेखन से समाज में उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग, विधायक मनीषा पंवार, राजस्थान पशु धन विकास बोर्ड अध्यक्ष राजेन्द्र सोलंकी, महापौर कुंती देवड़ा, जैनाचार्य डॉ. लोकेश मुनि सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार, साहित्यकार, जनसंपर्क कर्मी व आमजन उपस्थित थे।

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