एसीबी टीम को देख जेईएन ने शौचालय में फेंकी घूस, गवाह का तोड़ा मोबाइल।

बारां-हंसपाल यादव।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बूंदी की टीम ने केलवाड़ा स्थित जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता विक्रम मीणा को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम को देखकर कनिष्ठ अभियन्ता ने रिश्वत की राशि शौचालय के कमोड में डालकर पानी का फ्लश चला दिया। एसीबी टीम ने कमोड के अंदर से रुपए निकाले। कनिष्ठ अभियन्ता और उसकी पत्नी ने एसीबी टीम से हाथापाई की। उन्होंने टीम में शामिल एक पुलिसकर्मी का मोबाइल तोड़ दिया और एक जने के सीने पर दांत से काट खाया। एसीबी के निरीक्षक ताराचंद ने बताया कि केलवाड़ा के कलोनिया निवासी ओमप्रकाश ने बूंदी एसीबी चौकी पर शिकायत दी थी। उसका कहना था कि खेत पर लगे कृषि कनेक्शन का बिजली का बिल बकाया के होने के कारण कनिष्ठ अभियन्ता वहां लगा ट्रांसफार्मर खुलवाकर ले आया। उसने मंगलवार को बिजली की बकाया राशि 63 हजार 772 रुपए जमा करवा दिए। उसने कनिष्ठ अभियन्ता विक्रम मीणा से वापिस ट्रांसफार्मर लगाने का आग्रह किया तो उसने 40 हजार रुपए रिश्वत मांगी। बाद में वह 25 हजार रुपए लेने को तैयार हो गया। इस शिकायत पर एसीबी के उप अधीक्षक ज्ञानचंद मीणा ने गोपनीय सत्यापन करवाया तो मीणा ने सत्यापन के दौरान दस हजार रुपए ले लिए। इसके दो घंटे बाद टीम ने मीणा को अपने घर पर 15 हजार रुपए लेते हुए पकड़ लिया। एसीबी कार्रवाई की भनक लगते ही मीणा ने कमरे में शौचालय के कमोड में रुपए फैंक दिए और फ्लश चला दिया। टीम ने कमोड के अंदर से रुपए निकाले और धूप में सुखाया। टीम ने तलाशी में और भी राशि बरामद की।

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