नगर परिषद की उदासीनता की वजह से शहीदों की प्रतिमाओं के साथ हुआ अन्याय।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
देश पर आए हर संकट को देश के वीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर उसकी रक्षा की है। ऐसे ही वीर सपूतों को याद करने और नमन करने के लिए चित्तौड़गढ़ नगर परिषद की ओर से प्रताप पार्क में बनाई गई अमर जवान ज्योति नगर परिषद की लापरवाही के चलते विगत कई दिनों से बंद पड़ी हुई है। जो कि देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के साथ बहुत बड़ा अन्याय के साथ बड़ी मानवीय भूल भी है।जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ नगर परिषद की ओर से 15 अगस्त 2012 को प्रदेश के तत्कालीन सार्वजनिक निर्माण मंत्री भरत सिंह और चित्तौड़गढ़ के तत्कालीन विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने देश के शहीदों को नमन करने के लिए शहीद स्मारक का शिलान्यास किया था जो कि एक बहुत ही सराहनीय कदम था और इससे शहीद स्मारक पर देश के उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि स्वरूप अमर जवान ज्योति यहां पर प्रज्वलित की गई थी। लेकिन वर्तमान नगर परिषद की घोर लापरवाही के चलते यह अमर जवान ज्योति विगत कई दिनों से बंद पड़ी है, जिस पर अपने आप को कार्य के प्रति जिम्मेदार कहने वाले नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बडी और गंभीर बात की जानकारी नहीं होना समझ से परे दिखाई दे रहा है या फिर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसको देख कर भी अंजान बने हुए हैं। लेकिन यह एक बड़ी भूल के रूप में देखी जा सकती है कि जिस तरह से पुरे देश के साथ चित्तौडग़ढ़ जिले के हवलदार चंदन सिंह,कमांडो रामलाल आर्य,लांसनायक राजेंद्र सिंह चौहान,हवलदार जगदीश वैष्णव,मेजर नटवर सिंह शक्तावत जैसे  वीर सपूतों ने देश की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, उनके प्रति नगर परिषद की यह घोर लापरवाही उन सपूतों के साथ अन्याय करने जैसी दिखाई दे रही है। अब देखना यह है कि नगर परिषद के प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी बड़े मामले में कब ठोस कदम उठाते हैं और शहीदों के लिए प्रज्वलित की गई अमर जवान ज्योति और शहीद स्मारक के प्रति उनकी निष्ठा कब जागृत होती है।

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