डिजिटलीकरण के साथ साइबर अपराध की रोकथाम ज़रूरी।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सहकारिता विभाग द्वारा 69 वें अखिल भारतीय सहकार सप्ताह के तहत अपेक्स बैंक के प्रधान कार्यालय में वित्तीय समावेशन पैक्स का डिजिटलीकरण एवं सुदृढ़ सहकारी डाटाबेस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आर के मीणा महाप्रबंधक प्रशासन अपेक्स बैंक द्वारा की गई एवं सहकारिता का ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर पी के नाग, उप महाप्रबंधक योजना एवं विकास बैंक ने कहा कि सहकारी बैंकों को अपनी शाखाओं का एवं ऑनसाइट एटीएम का विस्तार कर वित्तीय समावेशन को बढ़ाने की आवश्यकता है। नाग ने पैक्स के डिजिटलीकरण के संबंध में बताया कि केंद्र सरकार की बजट घोषणा 1 फरवरी 2017 के अनुसार देश की 63000 क्रियाशील पैक्स का कंप्यूटराइजेशन किया जाना है जिसकी क्रियान्विति एजेंसी नाबार्ड है पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना गाइडलाइन के अनुसार प्रति पैक्स अनुमानित व्यय राशि 3.91लाख है। पैक्स के कंप्यूटराइजेशन में सॉफ्टवेयर पार्ट्स का जिम्मा केंद्र सरकार एवं नाबार्ड का है। साथ ही डिजिटलीकरण में होने वाला व्यय केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा 60 :40 के अनुपात में साझा किया जाना है पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना के प्रावधान अनुसार समस्त पैक्स का कंप्यूटराइजेशन 3 वर्षों यथा 2022 से 2025 में किया जाना है। उन्होंने सुदृढ़ सहकारी डेटाबेस के संबंध में बताया कि भारत सरकार के नवगठित सहकारिता मंत्रालय द्वारा अप्रेल 2022 से एक प्रमाणित नेशनल डेटाबेस बनाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है भारत सरकार द्वारा प्रथमतया डेटाबेस का प्रारूप सभी राज्य सरकारों एवं सहकारी बैंकों को भेज कर उनसे सुझाव आमंत्रित किए गए। यह डाटाबेस 24 गुणा 7 के आधार पर सुरक्षित वातावरण में खुली प्रौद्योगिकी के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा, जो कि ओटीपी आधारित प्रणाली पर विकसित किए जाएँगे।इसी क्रम में राकेश शर्मा, उप महाप्रबंधक प्रशासन एवं कार्मिक, बैंक द्वारा संबोधन किया गया एवं बैंक के समस्त कार्मिकों को सहकार सप्ताह की बधाई दी गई।

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