सीएम गहलोत की महत्वाकांक्षी इंदिरा रसोई योजना चढी भष्टाचार की भेंट।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोई भूखा ना सोए की मंशा के साथ इंदिरा रसोई योजना के रूप में महत्वकांक्षी योजना को पूरे प्रदेश में शुरू किया था। जिसके अंतर्गत चित्तौड़गढ़ में भी इस योजना को संचालित किया जा रहा है लेकिन 2 महीने पहले पीजी महाविद्यालय परिसर में शुरू की गई इस योजना काउंटर पर अधिकांश समय ताला लटका मिलने की शिकायत पर छात्रसंघ अध्यक्ष भरत मेनारिया अन्य छात्रों के साथ इंदिरा रसोई काउंटर में पहुंचे जहां पर ताला लटका मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। 
इसकी जानकारी मिलने पर इंदिरा रसोई योजना संचालित कर रही मेवाड़ विकलांग संस्था के कुछ कर्मचारी भी वहां पर पहुंचे जहां पर छात्रसंघ अध्यक्ष भारत मेनारिया ने योजना को संचालित कर रहे कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई। वही महाविद्यालय परिसर में 2 महीने से संचालित हो रही इंदिरा रसोई योजना में अभी तक लाभार्थियों को खाना बना कर खिलाना शुरू नहीं किया है। योजना के अंतर्गत नियमानुसार घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने पर भी पूर्णतया पाबंदी होने के बाद भी  सरेआम घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग भी यहां पर खाना बनाने में किया जा रहा है।
छात्रसंघ अध्यक्ष भरत मेनारिया ने बताया कि विगत कई दिनों से इंदिरा रसोई योजना काउंटर बंद मिलने की शिकायत पर आज रसोई काउंटर पर पहुंचे। जहां पर काउंटर  के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ मिला। इस पर मेवाड़ विकलांग संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क करने के पश्चात कर्मचारी वहां पर पहुंचे और ताला खोला गया और अंदर पाया कि 2 महीने से परिसर में संचालित हो रही है। इस महत्वपूर्ण योजना को अभी तक धरातल पर शुरू नहीं किया गया। यहां पर अभी तक खाना बनना भी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 18 रूपये के कमीशन के लिए सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है और फर्जी एंट्रियां की जा रही है जिस तरह से कुछ दिनों पहले कपासन में भी फर्जी एंट्रीयों का मामला सामने आया था।

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