सीएम गहलोत की बदौलत कर्मचारियों को मिलने लगी पेंशन, कर्मचारी बोले सरकार ने थामा हमारा हाथ अब नहीं है भविष्य की चिंता।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए निरन्तर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि  प्रदेश का हर वर्ग उच्च और गुणवत्तापूर्ण जीवन जी सके । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बन्द हो चुकी पेंशन को फिर से बहाल किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने कर्मचारियों की सेवानिवृति के उपरान्त मिलने वाली पेंशन को बन्द कर दिया था। लेकिन अब सेवानिवृत हो चुके वृद्ध कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2022-23 आम बजट पेश करते हुए यह घोषणा कि एक जनवरी 2004 के बाद जिन कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है उन सभी कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई क्योंकि उन्हें अपना भविष्य सेवानिवृत होने के बाद भी सुरक्षित नजर आने लगा है और वे अब किसी पर निर्भर नहीं रहेंगे। राजस्थान विधुत विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी सुनीता गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी की शुरूआत वर्ष 2008 में की थी और 14 वर्ष तक विभाग में अपनी सेवा देकर हाल ही में मई,2022  में वे सेवानिवृत हुईं। उनका कहना है कि पेंशन बन्द होने से वे हर समय भविष्य को लेकर चिंतित रहती थी कि वृद्धावस्था में उन्हें किसी पर निर्भर रहना पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए, लिये गए इस फैसले से अब वे बेहद खुश हैं।  उन्होंने कहा कि पेंशन मिलने से अब उन्हें एक सहारा मिल गया है। और उन्हें अब किसी पर आश्रित होने की जरूरत नहीं है साथ ही भविष्य के  प्रति जो अनजाना ड़र था वह भी खत्म हो गया है। ऐसा ही आबकारी विभाग में अपनी सेवाएं दे चुके झुन्झुनूं निवासी शेर सिंह ने कहा कि वर्ष 2012 में उन्होंने आबकारी विभाग में सिपाही के पद पर अपनी राजकीय सेवा शुरू की थी और 31 अगस्त 2022 को वे 10 वर्ष की सेवाएं देकर सेवानिवृत हुए। उन्होंने बताया कि वे और उनका परिवार राज्य सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं, क्योंकि पेंशन मिलने से अब उनका जीवन सरल हो जाएगा । निजी और पारिवारिक जरुरतों के लिए उन्हें अब आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शेर सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि मुख्यमंत्री गहलोत के इस निर्णय से अब हमारा बुढापा आसानी से निकल जाएगा। इसी तरह अलवर जिले में पटवारी के पद पर सेवाएं दे रहे  वेदप्रकाश पाराशर ने भी राज्य सरकार के इस निर्णय को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल कर दिया है यह राज्य के कर्मचारियों के हित में एक अभूतपूर्व फैसला है। राज्य सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों का भविष्य तो सुरक्षित हुआ है बल्कि बुढापे में भी उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मैं और मेरा परिवार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त करते हैं।

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