सीएम गहलोत ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय का किया शिलान्यास।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बगरू के दहमींकला में डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय परिसर का शिलान्यास किया। गहलोत ने कहा कि 387 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस विधि विश्वविद्यालय की नींव रखा जाना प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। वर्षों पहले देखा गया सपना आज साकार हो रहा है। समारोह में उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं तथा सबको न्याय पाने का समान अधिकार है। समानता का यह बुनियादी अधिकार भारतीय संविधान ने हम सबको दिया है, जिससे लोकतंत्र की जड़े मजबूत हुई है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य सरकार का प्रदेश में सुदृढ़ न्यायिक व्यवस्था तथा सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने का उद्देश्य पूरा हो सकेगा। गहलोत ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने देश के संविधान के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा हमारे महान नेताओं और महापुरूषों ने लोकतंत्र और संविधान के जरिए हमें कानून का राज विरासत में सौंपा। इससे दुनिया को एक सुदृढ़ लोकतंत्र का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसे देशों में भी महिलाओं को समान अधिकार मिलने में 100 वर्ष से अधिक समय लग गया, लेकिन डॉ. अम्बेड़कर की दूरगामी सोच तथा समानता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण भारत में संविधान बनने के साथ ही महिलाओं को पुरूषों के समान अधिकार प्राप्त हो सकें।
स्थाई परिसर से मिल सकेगा बेहतर वातावरण।
गहलोत ने कहा कि मुझे विश्वास है इस विश्वविद्यालय की जिस उद्देश्य से स्थापना की गई है उसके अनुरूप सभी विधि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सकेगी। स्थाई परिसर बन जाने से शिक्षकों और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रदेश का नाम रोशन करेगा। डॉ. भीमराव अम्बेड़कर के नाम से स्थापित इस विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों के विद्यार्थी वकालत और न्यायिक क्षेत्रों में जाकर समाज को बेहतर सेवाएं देंगे और पीड़ित को न्याय दिलाने में अग्रणी रहेंगे।
फरियादी को दिलाया सम्मान।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था स्थापित होने पर ही पीड़ित को सम्मान के साथ न्याय मिलेगा। इसी क्रम में प्रदेश के सभी थानों में स्वागत कक्ष स्थापित किए गए तथा एफआईआर अनिवार्य की गई है। अब फरियादी सम्मान के साथ थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
आमजन को मिली महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की आज पूरे देश में चर्चा है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इस योजना के तहत प्रदेशवासियों के लिए 10 लाख तक का इलाज निःशुल्क कर दिया गया है। लीवर ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांस्प्लांट, कोक्लियर इम्प्लांट आदि जटिल उपचारों में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है। सभी प्रकार की दवाईयां और जांचें निःशुल्क कर दी गई है। इन्दिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना द्वारा शहरी क्षेत्र में आमजन को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में हजारों आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के तहत प्रतिवर्ष 200 मेधावी छात्रों को विदेश में निःशुल्क पढ़ाई का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।
26 एकड़ में हो रहा विश्वविद्यालय का वृहद् निर्माण।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण बगरू के दहमींकला में कुल 26 एकड़ के क्षेत्रफल में कराया जा रहा है। प्रथम चरण के कार्यों के लिए कुल 119.21 करोड़ रूपए फरवरी, 2022 में स्वीकृत की गए थे। प्रथम चरण में इस परिसर में प्रशासनिक भवन, दो एकेडमिक ब्लॉक, गेस्ट हाउस, गल्र्स हॉस्टल, बॉयज हॉस्टल, डाईनिंग हॉल, फैकल्टी एवं नॉन टीचिंग ब्लॉक, हेल्थ केयर एवं अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही है। समारोह स्थल पर पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री का कई स्थानों पर विभिन्न संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। साथ ही राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया।उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि विधि शिक्षा के क्षेत्र में 23 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और 1650 से अधिक विधि महाविद्यालय हैं। मुख्यमंत्री का सपना था कि प्रदेश में भी एक विधि विश्वविद्यालय स्थापित हो। परिणामस्वरूप देश में तमिलनाडू और कर्नाटक के बाद राजस्थान में ऎसा विश्वविद्यालय स्थापित हुआ जिससे प्रदेश के सभी विधि महाविद्यालय जुड़े हुए हैं।विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देव स्वरूप ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश के 84 विधि महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो चुके हैं तथा 28 हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण कदम है।

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