पार्टनर ने धोखा दिया तो कारोबारी ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार की आत्महत्या।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर के शास्त्री नगर थाना इलाके में एक किराना कारोबारी ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कारोबारी को लहूलुहान अवस्था में उसके परिवार के सदस्य कांवटिया अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के मोबाइल से एक वीडियो मिला है जिसमें वह बिजनेस में धोखा, कर्ज के बोझ तले दबे होने की बात कह रहा है।अस्पताल की ओर से पुलिस को वारदात की सूचना दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को अपने कब्जे में लेकर मुर्दाघर में रखवाया। डीसीपी नॉर्थ परिस देशमुख ने बताया कि पानीपेच स्वर्णकार कॉलोनी स्थित नेहरू नगर निवासी व्यवसायी मनमोहन सोनी ने खुद को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या की है। कारोबारी ने खुद को जिस कमरे में गोली मारी है उसे पुलिस ने सीज किया है। आत्महत्या करने वाले किराना कारोबारी के रिश्तेदार समर सोनी ने बताया कि मृतक का 20 साल से सत्यार्थ तिवारी नाम का एक व्यक्ति बिजनेस पार्टनर रहा है। सत्यार्थ तिवारी फाइनेंस का काम करता है जिसने मृतक के 7 करोड़ रुपए इन्वेस्ट करवाए। कोरोना काल में सत्यार्थ ने अपने हाथ खड़े कर दिए और साथ ही मृतक को उसकी राशि वापस लौटाने से साफ इनकार कर दिया। मृतक ने जब बार-बार अपनी राशि मांगी, तो सत्यार्थ ने घर बुलाकर मृतक को धमकाया। सोनी का आरोप है कि सत्यार्थ के पिता डीएसपी के पद से रिटायर हुए हैं, जिसके चलते उनके प्रभाव में शास्त्री नगर थाना पुलिस ने सत्यार्थ के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। जब मृतक ने कोर्ट के जरिए शास्त्री नगर थाने में सत्यार्थ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई, तो पुलिस ने उसमें एफआर लगा दी।बिजनेस पार्टनर द्वारा धोखा देने और कहीं भी सुनवाई नहीं होने से आहत किराना कारोबारी मनमोहन सोनी ने तकरीबन डेढ़ साल पहले भी घर पर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस वक्त मनमोहन ने नींद की दवाई का पूरा पत्ता खा लिया था। हालांकि परिजनों की सूझबूझ के चलते उसे जल्द अस्पताल ले जाया गया और समय पर इलाज मिलने के चलते उसकी जान बच गई। मृतक के रिश्तेदार समर सोनी ने मृतक के बिजनेस पार्टनर सत्यार्थ तिवारी पर यह आरोप भी लगाए हैं कि जब मृतक ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सिविल का केस किया तब भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। फास्ट ट्रैक अदालत में केस होने के बावजूद भी सुनवाई करने की बजाए तारीख पर तारीख मिलती रही।जिसके चलते मृतक काफी अवसाद में रहने लगा और आज लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले किराना कारोबारी के दो बच्चे हैं, जिसमें बड़ा बेटा दुकान पर कारोबार संभालता है। वहीं छोटी बेटी स्कूल में पढ़ रही है। बेटी जब स्कूल से घर लौटी, तो वह पापा-पापा कहते हुए घर के अंदर घुसी, लेकिन घर में मौजूद पुलिस व अपनी मां को रोता देखकर सन्न रह गई। कमरे के फर्श पर खून देख बच्ची घबरा गई और जब उसने अपनी मां से पूछा तो मां ने उसे रोते हुए सीने से लगाकर बताया कि पापा नहीं रहे। इसके बाद बेटी भी फूट-फूट कर रोने लगी।
आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो।
आत्महत्या करने वाले किराना व्यापारी का मोबाइल फोन पुलिस ने जांच के लिए सीज किया है। जब फोन की जांच की गई तो उसमें आत्महत्या करने से पहले बनाया गया एक वीडियो पुलिस के हाथ लगा है। वीडियो में मृतक कह रहा है कि 'आज मेरी आत्महत्या का आखरी दिन हो सकता है। वीडियो मैं 10-15 दिन से बना रहा हूं, लेकिन हिम्मत नहीं हो पा रही थी। व्यापारी ने वीडियो में आगे कहा,'मेरी आत्महत्या का जिम्मेदार सत्यार्थ तिवारी, लोकेश पारीक और अनिल भारद्वाज है, कानून इनको सजा दे। बहुत परेशान हो गया हूं, बहुत दुखी हो गया हूं। बैंकों के फोन आ रहे हैं। इन लोगों ने मुझे बैंकों के कर्जे में डुबो दिया है। यह मेरा लेटेस्ट वीडियो है, इससे पहले के दो वीडियो भी हैं लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया था। मेरी एक एलआईसी पॉलिसी में उसका क्लेम दिलवा दिया जाए, जिससे मेरे घर वालों को सहायता मिल सके। प्लीज रिक्वेस्ट है, समाज के लोगों से मेरे घर वालों से, मेरे घरवालों से रिक्वेस्ट है कि परेशान मत होना दुखी मत होना। समाज में बड़े-बड़े लोग हैं जो सब कुछ कर सकते हैं। उनसे यही रिक्वेस्ट है कि मेरे परिवार वालों को न्याय दिलाएं, प्लीज।

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