रेगिस्तान संगीत समारोह का हुआ भव्य आयोजन।

जैसलमेर-मनीष व्यास।
यूनेस्को एवं राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के खुहड़ी के पास स्थित जानरा व वरणा गांव में पर्यटन विभाग एवं युनेस्कों की सांझी मेजबानी में ‘‘रेगिस्तानी संगीत समारोह‘‘ का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकारों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की, वहीं वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी का भी अनूठा प्रदर्शन किया। जनरा में सुविख्यात बाई मालण देवी माता मंदिन प्रांगण में तथा बरणा के रेतीले टीलों पर सांस्कृतिक सांझ शानदार जमी।
एक से बढ़कर एक ख्यातनाम लोक कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कर सभी को मोहित किया। जानरा में आयोजित इुए इस ‘‘रेगिस्तान संगीत समारोह‘‘ के दौरान पंचायत समिति सम के प्रधान तने सिंह सोढ़ा, युनिस्कों के मुख्य निदेशक अमित्वा भटटाचार्य, अर्पण, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पर्यटक स्वागत केन्द्र श्रीवल्लभ सेवक, खुहड़ी के समाजसेवी गजेन्द्र सिंह सोढ़ा, जानरा के समाजसेवी आम सिंह जानरा के साथ युनिस्कों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातनाम लोक कलाकार गाजी खां बरणा तथा मालण देवी मंदिर ट्रस्ट के मौजिज गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।
इस दौरान युनेस्कों के डायरेक्टर अमित भटटाचार्य ने कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित लोक कलाकारों कों सम्बोधित करते हुए कहा कि इस मरू लोक संगीत समारोह के आयोजन का मूल उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान की परम्परागत लोक संस्कृति और पर्यटन विकास का बढ़ावा देना है। इसके साथ ही जिले के गांव-गांव में लोक कला/लोक संगीत/लोक नृत्य आगे लोकर प्लेटफॉर्म प्रदान कर पर्यटकों को आकृष्ट कर उन्हें रोजगार मुहैया करवाना है। साथ ही कलाकारों का मनोबल बढ़ाना है।इस अवसर पर प्रधान तने सिंह सोढ़ा ने बाई मानण देवी मंदिर परिसर में सांस्कृतिक लोक संगीत समारोह आयोजन के लिए युनेस्कों/राजस्थान पर्यटन विभाग को अपनी  ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निःसन्देह इस प्रकार के कार्यक्रम से यहां के लोक कलाकारों एवं परम्परागत लोक संस्कृति का अक्षुण बनाए रखने में बहुत बड़ा सुनहरा अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी कलाकारों को इस मौके पर नशे की बुरी लत का जीवन में हमेशा-हमेशा के लिए परित्याग करने का संकल्प दिलाया। मरू लोक संगीत समारोह का आगाज जानरा के सुप्रसिद्ध लोक कलाकार धानू खां एण्ड पार्टी तथा अन्य सभी कलाकारों द्वारा बाई मालण देवी की आरती के साथ परम्परागत ढंग से किया गया। इस दौरान अजीज खां एण्ड पार्टी द्वारा समारोह में पधारे अतिथिगणों के स्वागम में ‘‘केसरिया बालम आओ नी पधारों म्हारे देश‘‘ स्वागतगान शानदार प्रस्तुति दी।
संगीत कार्यक्रम के अवसर पर मूलसागर के अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार तगाराम भील/मिश्री खां, गुलू खां  पान्धी खां ने अलगोन्जा वादन की सुमधुर स्वर लहरियां बिखेर कर वाहवाही लूटी। जानरा में आयोजित हुए इस लोक संगीत/लोक नृत्य समारोह का मुख्य आकर्षण जैसलमेर की बिली के नाम से विख्यात अन्नू सोलंकी ने ‘‘घूटना चक्करी‘‘ नृत्य प्रस्तुत किया। इस मौके पर जलाल खां एण्ड लोक कलाकार पार्टी द्वारा भगवान श्री कृष्ण का भजन ‘‘सांवरियां थारा नाम हजार कियां लिखूं किंकू पतरी‘‘ पेश कर समारोह को भक्ति रस में डूबों दिया।इसके पश्चात अंत में जनरा के नन्हें-मुन्ने बाल कलाकारों द्वारा ‘‘ बड़े ही सुरीली मिठास से लोक संगीत की स्वर लहरियां बिखेर कर पूरे रेगिस्तान को संगीत मय बना दिया।
गाजी खां बरणा ने युनिस्कों/ट्युरिज्म विभाग का तहे दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह के अंत में युनिस्कों द्वारा मालण देवी मन्दिर परिसर  में कालाकरों के सौजन्य से पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम के अंत में युनिस्कों के डायरेक्टर अमित्वा भटट्ाचार्य ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन जानरा के रतनलाल शेरा ने किया।

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