सख्त मॉनिटरिंग ना होने पर अधिकारियों को मंत्री रमेश ने लगाई फटकार।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा गुरुवार को करौली दौरे पर रहे। इस दौरान मंत्री ने जिला परिषद सभागार में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मंत्री स्वच्छ भारत मिशन में अधिकारियों के कार्यों से संतुष्ट नजर नही आए। और कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की जांच की जाएगी। जांच में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री रमेश मीना ने अधिकारियों से विभागीय योजनाओं स्वच्छ भारत मिशन, जलग्रहण, नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजीविका, जलजीवन मिशन, चारागाह विकास, मिशन अमृत महोत्सव सहित अन्य योजनाओं के कार्यों में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगो की काफी शिकायत मिल रही है। लोगो को आवास के लिए पैसे नही मिल पा रहे हैं। गरीबों का मकान नही बन रहे हैं। लोगो को ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने अधिकारियों से लोगो की समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ये ध्यान रखे कि लाभ पात्र व्यक्ति को ही मिलना चाहिए। बैठक मे मंत्री स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में अधिकारियों के कार्यों से संतुष्ट नजर नही आए। उन्होंने कहा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की जांच की जाएगी और जांच में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो, वहां ये देखा जाए कि उनका उपयोग हो रहा है या नहीं। ऐसा ना हो कि आसपास गंदगी हो रही है और लोग परेशान हैं। उन्होंने गांवों में ठोस-तरल कचरा प्रबंधन के परिणाम लाने पर जोर दिया। बोले कि गांवों में सफाई, ड्रेनेज सिस्टम के लिए कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि जो राशि खर्च हो, उसका बेहतर उपयोग हो सके। 
पंचायत समितियों में नहीं हो रहा है बजट का उपयोग।
मंत्री ने कहा कि पंचायत समितिओं द्वारा बजट का प्रॉपर उपयोग नहीं हो पा रहा है। सरकार ग्राम पंचायतों के विकास के लिए बजट देती है।अधिकारी विकास कार्यों में उपयोग नही कर पा रहे हैं। ये अधिकारियों की बड़ी लापरवाही है। इसको लेकर भी मंत्री विकास अधिकारियों के कार्यो से असंतुष्ट नजर आए।
मंत्री बोले वाटरशेड विभाग में अनियमितता अधिक।
जलग्रहण के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने राजीव गांधी जल संचय योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के कार्य धरातल पर नजर नही आ रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पूर्ण नही हो रहा है। वाटरशेड विभाग में अनियमितता अधिक नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि कार्यों की कमिटी बनाकर जांच के आदेश दिए गए थे। उसकी अभी तक जांच नही हो पाई है। इसको लेकर अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। मंत्री ने कहा कि जिले में कोई भी कार्य जनप्रतिनिधियों की जानकारी में रख कर किये जावे। साथ ही मंत्री ने ग्राम सभा मे जनप्रतिनिधियों को बुलाकर कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जाए। 
डांग क्षेत्र का बजट हो रहा है लैप्स।
सरकार द्वारा डांग विकास के लिए बजट दिया जा रहा है। इसके बाद भी विकास कार्य नही हो पा रहे हैं। अधिकारियों का इस ओर बिल्कुल ध्यान नही है। मंत्री ने अधिकारियों को डांग क्षेत्र के विकास कार्यों में प्रगति लाने के दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला कलेक्टर को एक कमेटी बनकर कार्यों की जांच करने के आदेश दिए। मंत्री ने विभागीय योजनाओं के कार्यों में प्रगति नही होने नाराजगी दिखाते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और जिला परिषद सीईओ से ग्राम पंचायतों के कार्यों की जांच कराने के आदेश दिए है। कहा कि अधिकारी कार्यों की प्रॉपर मॉनिटरिंग नही कर पा रहे हैं। जिससे पूरे जिले में योजनाओं के कार्यों में प्रगति नही हो पा रही है। योजनाओं का कार्य धरातल पर नजर नही आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब योजनाओं का उद्देश्य पूर्ण नही हो पा रहा है। जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। ये बिल्कुल भी बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने जिला कलेक्टर को लापरवाही करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए है। इस दौरान जिला प्रमुख शिमला देवी, आयुक्त मनरेगा शिवांगी स्वर्णकार, निदेशक, पंचायती राज डॉ. प्रतिभा सिंह, जिला कलेक्टर अंकित कुमार, जिला परिषद सीईओ महावीर प्रसाद नायक सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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