मंत्री हरीश चौधरी ने ओबीसी मामले पर सीएम गहलोत के रवैये को प्रदेश की आधी आबादी के साथ धोखा बताया।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि पहले सीएम अशोक गहलोत के ऊपर आंख बंद करके विश्वास करता था। लेकिन यह धोखा मेरे साथ नहीं है। जिस किसी ने भी हरीश चौधरी के साथ धोखा करने की सोची है, वह हरीश चौधरी के साथ धोखा नहीं किया है। यह प्रदेश  की आधी से ज्यादा आबादी ओबीसी वर्ग के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के साथ हूं। किसी व्यक्ति के साथ नहीं हूं। मुझे किसी व्यक्ति के साथ रहने की कीमत चुकानी पड़ रही है। आपको जीवन में कोई एक लोटा पानी भी पिलाए को उसे नहीं भूलना चाहिए। हमने तो सरकार बचाई थी। मैं किसी व्यक्ति के पीछे नहीं, पार्टी की विचारधारा के साथ हूं। चौधरी ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत के करीबी मंत्री जो कि चुनकर तो नहीं आए हैं, लेकिन सीएम के नाक का बाल है। मुझे फोन कर धमकी दी या सलाह दी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। उन्होंने कहा कि क्यों ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को लेकर मुद्दा बना रहे हो ? हरीश चौधरी ने कहा कि मैं सरकार पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। मेरा सवाल सीएम गहलोत से है। ओबीसी विसंगतियों के मामले को डेफर करने के पीछे क्या वजह रही है। यह मुझे समझ में नहीं आया है। मैंने पूरी रात गुजरने दी। मैं लगातार यह सोचता गया कि क्या वजह रही है। सीएम गहलोत ने बैठक से पहले 10 बार बातचीत की। कैबिनेट बुलाने को लेकर बात की। बैठक से एक दिन पहले रात को भी मुझे ऐसा महसूस नहीं करवाया कि डेफर करेंगे। हरीश चौधरी ने कहा कि डेफर करने से कांग्रेस को फायदा नहीं होने वाला है।  प्रदेश को फायदा नहीं होने वाला है। किसी प्रकार से इस आंदोलन की खिलाफत नहीं की है। मांग का किसी ने विरोध नहीं किया। बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से बाड़मेर से जयपुर तक प्रदर्शन हुआ। डेफर करके विवाद खड़ा करवा दिया है। इसके पीछे क्या मंशा है। यह मेरे आज तक समझ में नहीं आया है। यह लागू करते तो राज्य की आधी से ज्यादा आबादी को फायदा होता। रोककर किसका फायदा करवाना चाहते है। इसको रोक कांग्रेस और  प्रदेश को फायदा नहीं है। यह मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि मुझे किसी व्यक्ति का फोन आता है। वह व्यक्ति मुझे समझाइश, सलाह और धमकी के तौर पर कहते हैं कि मुझे बोला मारवाड़ में जहां से आप आते हैं, वहां सबसे बड़ा हादसा हुआ है। वो मेहरानगढ़ दुखान्तिका हुई थी। धीमे-धीमे यह मुद्दे शांत हो जाते हैं। वो इतना बड़ा मुद्दा था। वो भी शांत हो गया था। आप क्यूं व्यक्तिगत तौर पर किसी की नाराजगी लेते हो। मैंने कहा कि यह व्यक्तिगत तौर पर नाराजगी लेने का समय नहीं है। मैंने उनको कहा कि मैं किसी और मुद्दे की तह तक नहीं जाऊंगा। मेरा इकलौता मुद्दा ओबीसी की विसंगतियों को बहाल करने का है। न तो मैं मेहरानगढ़ दुखान्तिकां की ओर जाना है और न ही किसी और मुद्दे पर जाना है। मैं किसी की तरफ नहीं जाना चाहता हूं। चौधरी ने कहा कि जो मैंने सवाल उठाए हैं। जो संघर्ष है। वो हमारे कांग्रेस का पुराना संघर्ष है। इसमें सीमाएं नहीं होती हैं। हक और अधिकार के लिए लड़ने की कोई सीमा नहीं होती है। मुझे आशा है कि सीमाएं पार नहीं करनी पड़ेंगी। अगर सीमा पार करनी पड़ेगी तो वो सभी सीमा पार करूंगा। बायतु विधायक एवं पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी बीते चार-पांच माह भूतपूर्व सैनिकों को ओबीसी सहित सभी आरक्षण श्रेणियों से रिजर्वेशन देने की बजाय अलग से कोटा निर्धारित करने की पैरवी कर रहे है। इसको लेकर हरीश चौधरी बाड़मेर से लेकर जयपुर तक आंदोलन व प्रदर्शन युवाओं के साथ कर चुके है।इस आंदोलन में सभी दल के नेताओं का सहयोग भी मिला था। विधायक हरीश चौधरी शनिवार को ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को लेकर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया व शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, नगरीय स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा से मुलाकात कर चर्चा कर ओबीसी विसंगतियों को दूर करने की पैरवी की थी।

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