IAS की ACR भरने के मसले पर खाचरियावास ने महेश जोशी को बताया गुलाम।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की विभाग में लगे आईएस की ACR भरने की जिम्मेदारी मंत्रियों को दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से करने के मामले में अब गहलोत के ही दो मंत्री आमने-सामने हो गए हैं। इस मामले में प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंत्री महेश जोशी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें गुलाम बता दिया है। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि अगर पॉलिटिकल पार्टी में कोई काम करता है और वह अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ सकता तो फिर वह दूसरे के अधिकार के लिए कैसे लड़ेगा? उन्होंने कहा कि अगर मंत्री-विधायक खुद अपने अधिकार नहीं ले सकते, तो वह दूसरे को क्या अधिकार दिलाएंगे? ऐसे लोगों को राजनीति से दूर हो जाना चाहिए। खाचरियावास ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह मामला व्यवस्था का है, जो मंत्रियों को संविधान में विभाग के अधिकारियों की ACR भरने का अधिकार देती है। मंत्री महेश जोशी के बयान पर खाचरियावास भड़क गए और उन्होंने कहा कि अगर मंत्री महेश जोशी यह कह रहे हैं कि मेरे सब काम हो रहे हैं तो वह हमको क्या सिखा रहे हैं? उन्होंने साफ कहा कि मंत्री महेश जोशी झूठ बोल रहे हैं। उन्हें दिव्या मदेरणा और संयम लोढ़ा से सीखना चाहिए। यह कोई बुरा मानने की बात नहीं है कि मंत्री जिस विभाग का है वही एसीआर लिखे। उन्होंने कहा कि मंत्री महेश जोशी को खुल कर बोलना चाहिए, बेवजह गुलामी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जोशी ने अगर गुलामी का ठेका ले रखा है तो वह लें। उन्होंने कहा कि महेश जोशी से मेरी कोई लड़ाई नहीं है, लेकिन वह झूठ बोल रहे हैं। अगर महेश जोशी एसीआर लिख रहे हैं और बाकी मंत्री नहीं लिख रहे तो फिर महेश जोशी तो राजस्थान के सुपर पावर हो गए। प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूरा राजस्थान जानता है कि प्रदेश में महेश जोशी की ज्यादा चलती है या प्रताप सिंह खाचरियावास की। खाचरियावास ने कहा कि जबसे उन्होंने एसीआर भरने की मांग उठाई है, उसके बाद ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विरोध किया है। लेकिन हम मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं हैं। यह तो गलत व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। खाचरियावास ने कहा कि हम जानते हैं कि अशोक गहलोत बनने में 50 साल लगते हैं, लेकिन अपने अधिकार के लिए बोलना मुख्यमंत्री का विरोध नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस मामले में मैंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। वह हमारे नेता हैं और उनके सरकार को बचाने के लिए मैंने सबसे आगे होकर लड़ाई भी लड़ी है। अगर हमारे नेता की सरकार को बचाने के लिए हम लड़ाई लड़ सकते हैं तो उनसे हम अपने अधिकार की बात भी कर सकते हैं।

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