चित्तौड़गढ़ में सिरफिरे युवकों ने मचाया आतंक, 2 दर्जन से अधिक कारों के फोड़े शीशे।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ के सदर थाना क्षेत्र में विगत कुछ महीनों से लगातार अपराधिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिली है। जिसमें प्रमुख रूप से चैन स्नैचिंग, चाकूबाजी मारपीट की घटनाओं के साथ अब देर रात मधुबन क्षेत्र में दो स्कूटी सवार व्यक्तियों ने क्षेत्र में जमकर उत्पात देखने को मिला है। जिसमे करीब 2 दर्जन से अधिक कारों के शीशे फोडे जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों मे गुस्से का देखा गया।इस घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में कांच फोड़ने की घटना के मामले की जानकारी लेकर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ के मधुबन क्षेत्र में स्कूटी पर सवार 2 लोगों ने मधुबन के साथ अन्य कॉलोनियों में रात्रि 2 से 4:30 तक जमकर उत्पात मचाया। जिसमें उन्होंने लकड़ी और पत्थरों से घरों के बाहर खड़ी 2 दर्जन से अधिक कारों के शीशे तोड़ दिए। जब सवेरे कारों के शीशे टूटे हुए मिले तो सभी कॉलोनी वासियों ने एक दूसरे से संपर्क किया तो जानकारी में सामने आया कि करीब 30 से अधिक गाड़ियों के शीशे टूटे हैं।इसके बारे में जानकारी देते हुए सदर थाना में एएसआई सोहन लाल ने बताया कि रात को मधुबन और एक अन्य कॉलोनी में कारों के शीशे तोड़ने की घटना होने की सूचना मिली जिस पर सभी जगह पर जाकर घटनास्थल पर देखा है इसके साथ अलग-अलग जगह से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। जिसमें स्कूटी पर सवार दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं कई जगह से भी सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। जिससे अंदाजा लगेगा कि इस घटना को अंजाम देने वाले कौन लोग हैं।वार्डवासी ने बताया कि सवेरे पूरी कॉलोनी में कांच फोड़ने की घटना की जानकारी मिली कहीं ना कहीं इसके अंदर पुलिस की लापरवाही के साफ दिखाई दे रही है। वही पिछले कुछ महीनों से सदर थाना क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जिसमें दिनदहाड़े महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग की घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में चाकूबाजी की घटनाएं भी आए दिन देखने को मिल रही है। लेकिन अभी तक एक भी घटना का खुलासा सदर थाना पुलिस की ओर से नहीं किया गया। जिसके कारण घटनाओं को अंजाम देने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले भी दोपहर में सरेआम चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्साकर्मी के साथ भी चेन स्नेचिंग की घटना हुई थी। जिस पर अभी तक पुलिस अभय कमांड कैमरों की मदद नहीं ली है और इस घटना को पहले की घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में डालने की प्रक्रिया की जा रही है।

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