सब कुछ ठीक रहा तो नए साल की शुरुआत में मिलेंगे कांग्रेस को 400 नए ब्लॉक अध्यक्ष।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
26 जनवरी से शुरू हो रहे कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान से पहले राजस्थान में रिक्त रहे पदों को भरने की कवायद शुरू हो चुकी है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नए साल की शुरुआत में राजस्थान कांग्रेस को 400 नए ब्लॉक अध्यक्ष मिल सकते हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो 400 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा नए साल की शुरुआत में हो सकती है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद 400 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। बताया जाता है कि ब्लॉक अध्यक्षों की सूची में महिलाओं, युवाओं, अल्पसंख्यक और एससी-एसटी को भी महत्व दिया गया है।
ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की एक वजह यह भी।
दरअसल प्रदेश में 400 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा जनवरी माह की शुरुआत में किए जाने की एक वजह यह भी है कि 26 जनवरी से शुरू हो रहे हाथ से हाथ जोड़ो अभियान ब्लॉक लेवल पर ही आयोजित होंगे, जबकि पिछले ढाई साल से ब्लॉक इकाई पूरी तरह से भंग पड़ी हैं। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मंशा है कि हाथ से हाथ जोड़ अभियान से पहले ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाए। जिससे कि ब्लॉक लेवल पर हाथ से हाथ जोड़ो अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किए जाएं।
उदयपुर नव संकल्प शिविर की घोषणाओं का भी दिखेगा असर।
ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा में उदयपुर नव संकल्प शिविर में लिए गए फैसलों का भी असर दिखाई देगा, जिसमें ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में भी 50 साल से कम उम्र के युवाओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ महिला, ओबीसी, अल्पसंख्यक, एससी-एसटी वर्ग को भी मौका दिया जाएगा।
खरगे ने डोटासरा ने मांगा था खाली पदों का विवरण।
इससे पहले 23 दिसंबर को दिल्ली में हुई बैठक के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से प्रदेश में रिक्त चल रहे पदों का विवरण मांगा था और उसके बाद उन्हें जल्द से जल्द भरने के निर्देश भी दिए गए थे।
कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण को पूर्व में भेजी गई थी सूची।
वहीं संगठन चुनाव के दौरान कांग्रेस के चुनाव प्राधिकरण और तत्कालीन प्रदेश प्रभारी अजय माकन को प्रदेश कांग्रेस की ओर से 400 ब्लॉक अध्यक्ष के नामों की सूची भेजी गई थी।संगठन चुनाव के बाद पीसीसी मेंबर के साथ ही 400 ब्लॉक अध्यक्ष की घोषणा भी होनी थी लेकिन किन्ही कारणों के चलते घोषणा रोक दी गई गई थी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद भी घोषणा होने के बाद कही गई थी लेकिन राजस्थान कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और बयानबाजी के चलते भी ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा को रोक दिया गया था। अब 26 जनवरी से शुरू होने वाली हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के तहत ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा नए साल में होने की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि जुलाई 2020 में सचिन पायलट कैंप की ओर से बगावत करने के बाद पार्टी आलाकमान ने प्रदेश में संगठन को भंग कर दिया था जिनमें ब्लॉक इकाई, जिला इकाई, प्रदेश इकाई और विभाग और प्रकोष्ठों को भी भंग कर दिया गया था, तब से ही ब्लॉक समेत तमाम इकाई भंग पड़ी हैं।

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