पेपर लीक में पुलिस ने अब तक 55 लोगों को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने सौंपा 5 दिन के पी.सी रिमांड पर।

उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा ग्रुप सी का पेपर लीक हो गया था। इस कारण पहली पारी की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने शनिवार को 49 लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही थी लेकिन रविवार को जारी प्रेस नोट में कुल 55 लोगों की गिरफ्तारी की बात बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग थानों में दो मामले दर्ज किए हैं। एक मामला बेकरिया थाने में दर्ज किया गया है जबकि दूसरा मामला सुखेर थाने में दर्ज किया गया है। इस मामले में सभी आरोपियों को रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां 7 महिला आरोपियों को 2 दिन और 48 आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस मामले के मुख्य सरगना सुरेश बिश्नोई से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस सुरेश ढाका और भूपेंद्र की तलाश करने के साथ ही सुरेश विश्नोई को इन दोनों से पेपर किस आधार पर मिला, इसकी भी पड़ताल कर रही है। पकड़े गए 42 अभ्यर्थियों में से एक एमबीबीएस छात्र सहित कुल 55 गिरफ्तार किए गए हैं। यह सभी लोग जालोर और जोधपुर जिले के रहने वाले हैं।
मुख्य सरगना से हो रही लगातार पूछताछ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित सेकेंड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया है। इस बार पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड जालोर में प्रिंसिपल के पद पर सुरेश बिश्नोई ने यह पूरा प्लान तैयार किया था। ऐसे में उदयपुर पुलिस की ओर से पकड़े गए 42 अभ्यर्थियों में सभी जालोर के रहने वाले हैं। आरोपी सुरेश विश्नोई बस के आगे अन्य गाड़ी से बस को एस्कॉर्ट कर रहा था। सुरेश विश्नोई के पास रात 2 बजे सुरेश ढाका और भूपी नाम के दो लोगों से व्हाट्सएप पर पेपर आया था। आरोपी मास्टरमाइंड ने सभी अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाया था कि वह उन्हें पेपर में पास करवा देगा।मास्टरमाइंड सुरेश विश्नोई ने इन सभी अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराने की एवज में 10 से 15 लाखों रुपए का सौदा किया था। मास्टरमाइंड सुरेश विश्नोई जालोर का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वह अपने सहयोगी भूपेंद्र के साथ 42 अभ्यर्थियों को बस में पेपर सॉल्व करवा रहा था। पकड़े गए अभ्यर्थियों में से सात महिला परीक्षार्थी भी शामिल हैं। सुरेश विश्नोई की गाड़ी में कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य सामान भी पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि जैसे ही सुरेश विश्नोई के व्हाट्सएप पर रात 2 बजे पेपर आया। उसने प्रिंटर से प्रिंट लेकर सभी को वितरित कर दिए।

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