बनास नदी में बजरी लीज धारक और ग्रामीण हुए आमने सामने, दी आंदोलन की चेतावनी।

टोंक ब्यूरो रिपोर्ट।
टोंक जिले की बनास नदी में बजरी लीज धारक और ग्रामीण फिर आमने सामने हो गए। जिला मुख्यालय से सटे हुए बनास नदी के किनारे बसे जानबाज का बंधा और फूलबाद गांव में लीज नहीं होने के बाद भी लीज धारक बनास नदी के पानी से बड़ी मशीनों के जरिए बजरी का अवैध खनन कर रहा है। ग्रामीणों ने बनास नदी से अवैध बजरी खनन का विरोध किया। ग्रामीणों के नदी में उतरकर विरोध करने पर लीज धारक ने मौके से मशीनें हटा ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी लीज धारक का पक्ष लेते हुए ग्रामीणों से कागजात मांगे। जिसके बाद ग्रामीणों ने नदी पर अपना अधिकार बताते हुए कलेक्ट्रेट कूच किया और अवैध खनन रोकने की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नियमों के खिलाफ बजरी खनन जारी रखने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए बताया कि बड़ी मशीनों से नदी में हो रहे नियमों के खिलाफ अवैध खनन रोका जाए। अन्यथा आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके तहत धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल, जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।

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