मेगा ब्लड डोनेशन कैंप में एक हजार से अधिक ने किया रक्तदान।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की टीम आशाएं की ओर से ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया गया। क्रिसमस के मौके पर टीम आशाएं लोगों को जीवन का तोहफा देने जा रही है। इस ब्लड डोनेशन कैंप में 1536 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन,अर्पित अग्रवाल ने बताया कि एक यूनिट रक्त से तीन जाने बचाई जा सकती हैं। हमारी यही कोशिश है कि खून की कमी से कभी किसी भी व्यक्ति की जान न जाए। अब तक आशाएं क्लब की मदद से पिछले 9 साल में 16886 हजार से अधिक यूनिट रक्तदान और 1700 से अधिक एसडीपी डोनेट किया जा चुका है। वहीं, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आशाएं टीम के फैकल्टी को-ऑर्डिनेटर  डॉ. जगदेव सिंह ने बताया कि इस दौरान स्क्वाड्रन लीडर एसपीएस कौशिक ने स्टूडेंट्स को ब्लड डोनेट करने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने बताया कि आशाएं क्लब के वालंटियर्स जयपुर में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) डोनेट कर चुके हैं। रक्तदान समारोह के दौरान गुरुकुल, नारायण, पिंक सिटी, मोनिलक, एसएमएस,महात्मा गांधी, जयपुरिया, दुर्लुभजी हॉस्पिटल के ब्लड बैंक ने सहयोग किया। कार्यक्रम में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट प्रोफेसर विक्टर गंभीर, रजिस्ट्रार एसएल अग्रवाल, हेड डिजिटल स्ट्रेटजीस धीमांत अग्रवाल और फैकल्टी समेत अन्य स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
मेरा दिल कहता हैं एक बात, रक्तदान करो हर बार।
इक्कीस साल के शशांक विजय, जिन्होंने अब तक 45 बार एसडीपी डोनेट कर जीवन और मौत के बीच झूलते लोगों को जीने की एक नई उम्मीद दी। शशांक ने बातचीत के दौरान बताया की कैसे 2018 में जब उन्हें डेंगू हुआ था और उन्हें खून की ज़रूरत थी। तब अपरिचित लोगों ने भी आगे आकर उन्हें एक नया जीवन दिया और इसी घटना ने उन्हें रक्तदान करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।
2019 में जेईसीआरसी युनिवर्सिटी आने के बाद वो आशाएं से जुड़े और तब से अब तक अनेकों लोगो को नया जीवन दे चुके हैं। उन्होंने बताया की कैसे कोविड के दौरान 70 से 80 किलोमीटर तक का सफ़र तय करकर भी उन्होंने जरूरतमंदों को खून दिया और उनकी जान बचाई।

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