वरिष्ठ अध्यापक जी.के. का पेपर हुआ आउट, अभ्यार्थियों के आंखों से निकले आंसू।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
राजस्थान में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएं होने से अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पेपर लीक होने से नाराज महिला अभ्यर्थीयों की रुलाई फूट पड़ी। पेपर लीक की घटनाएं होने से अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दरअसल वरिष्ठ अध्यापक पात्रता परीक्षा के जीके (GK) का पेपर लीक होने के बाद अभ्यर्थियों ने आक्रोश जताया। भीषण ठंड में दूरदराज से हनुमानगढ़ जिले में पेपर देने आए अभ्यर्थियों को जब पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो उनमें आक्रोश फैल गया। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी इतना ही नही जिम्मेदार अधिकारियों से नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने की भी मांग रखी। पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप ने राजस्थान सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से हजारों नौजवानों के भविष्य के साथ राजस्थान सरकार खिलवाड़ कर रही है। राजस्थान सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के सख्त प्रबंध करें ताकि युवाओं और उनके अभिभावकों के साथ बार बार ऐसा मजाक ना हो।शनिवार सुबह पूरे प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं के बाद में जब सब जगह पर पेपर रुकवा परीक्षार्थियों को केंद्रों से बाहर भेज दिया गया था तो वहीं हनुमानगढ़ में शिक्षा विभाग और अधिकारियों की ढिलाई और संवादहीनता के चलते अभ्यर्थियों को केंद्रों से 10:30 के बाद में बाहर निकालना शुरू किया गया। जिसको लेकर भी अभ्यर्थियों ने आक्रोश जताया, वहीं जंक्शन के एक परीक्षा केंद्र के बाहर पेपर लीक होने से एक महिला अभ्यर्थी सरोज चौधरी इतनी दुखी थी कि वह मीडिया से बात करते हुए फूट-फूट कर रो पड़ी। महिला ने बताया कि एक और सरकार अपने 4 साल पूरे होने का जश्न बना रही है, वहीं दूसरी ओर बेरोजगार युवा लगातार कई वर्षों से इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर परीक्षा देने पहुंचते हैं कि इसी बीच खबर मिलती है कि पेपर लीक हो गया। परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के परिजनों ने सरकार के बार-बार पेपर लीक संबंधी सख्ती के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस कड़कड़ाती ठंड और कोहरे के बीच में परीक्षार्थी पेपर देने के लिए पहुंचते हैं। उनका आर्थिक बोझ के अलावा कठिनाई भी उठानी पड़ती है और जानकारी मिलती है कि पेपर लीक हो गया। जिससे न सिर्फ परिजनों पर विपरीत असर पड़ता है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी धक्का पहुंचता है। एक परीक्षार्थी ने सरकार से इस तरह की घटनाओं को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नैतिकता के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे तक की मांग कर डाली।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack