बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ने मजदूरों से बच्चों को पढ़ाने की समझाइश।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
हनुमानगढ़ क्षेत्र के ईंट भट्टों का जिला बाल कल्याण समिति न्यायपीठ चेयरपर्सन जितेंद्र गोयल ने नाथावाली थेड़ी ,गंगागढ़ रामसरा नारायण, श्रीनगर क्षेत्र के दर्जनभर ईंट भट्टों का निरीक्षण कर श्रमिकों से मिलकर बच्चों से बाल श्रम नहीं करवाने को लेकर समझाइश की गई और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जिस पर श्रमिकों ने बच्चों बच्चों को शिक्षा से जोड़ने को लेकर सहमति जताते हुए बताया कि स्कूल दूर है हम बच्चों को स्कूल छोड़कर व लेकर नही आ सकते। हमें मजदूरी करनी होती है और कुछ बच्चों के दस्तावेज भी नहीं है। हम 6 महीने यहां 6 माह हमारे देश इसके चलते बच्चों को पढ़ा नही पाते। अगर स्कूल ईट भट्ठा के आसपास हो तो हम बच्चों को पढ़ा लेंगे। हम भी चाहते है कि हमारे बच्चे पढ़ लिखकर कुछ बन जाएं। इस पर सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष गोयल ने ईट भट्ठा यूनियन हनुमानगढ़ अध्यक्ष पवन अग्रवाल व ईट भट्ठा संचालक गोपाल राम, सुभाष भारी,आदित्य अग्रवाल कालूराम जाखड़ ,लक्ष्मी नारायण कुलदीप सहारण,से मिलकर प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए तीन -तीन चार -चार भट्टो का समूह बनाकर भट्टो पर ही निःशुल्क संस्कारित पाठशाला खोलने का सुझाव रखा और भट्ठा संचालकों को यह भी अवगत कराया गया कि श्रमिकों के बच्चे पढ़ेंगे तो भट्टो पर बाल श्रम पर अंकुश लगेगा और आपको भी दुआएं मिलेगी और साथ ही हर दो चार महीनों से जो लेबर इधर से उधर अन्य भट्टो पर जाने की समस्या से निजात मिलेगी। गोयल ने भट्ठा संचालकों को बताया कि जिला प्रशासन को आए दिन भट्टा संचालकों की यह शिकायतें भी आती रहती हैं की अन्य राज्यों  से जो लेबर आती है उन्हें एडवांस पैसा देकर ही यहां बुलाया जाता है। लेकिन अन्य जिलों से भट्ठा वालों द्वारा उन्हें अधिक पैसों का लालच देकर बीच में ही ले जाते हैं और जो हमारा एडवांस पैसा दिया होता है वो पैसा भी साथ लेकर श्रमिक चले जाते है। अगर आपके भट्टों पर संस्कारित पाठशाला खोल दी जाएगी तो श्रमिकों के बच्चे पढ़ेंगे और हर माता पिता का अपने बच्चों के भविष्य को लेकर सजग होता है कि मेरा बच्चा कामयाब हो जाये अच्छा नागरिक बने। बच्चे जब आपके भट्टे पर पाठशाला में पढ़ रहे होंगे तो वह भी छोटे-मोटे लालच में आकर आपका भट्टा छोड़कर नही जाएंगे। क्योंकि उनको पता होगा कि हमारे हमारे बच्चे यहां पढ़ रहे हैं यही पर इनका भविष्य उज्जवल है। इस पर सभी भट्ठा संचालकों ने सहमति जताते हुए शीघ्र ही भट्टो  पर समूह बनाकर सीडब्ल्यूसी के माध्यम से संस्कारित पाठशाला शुरू करने को तैयार हो गए। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष गोयल ने बताया कि भट्ठा संचालक ,प्रवासी श्रमिक ,बच्चे समझाइस के बाद भट्टों पर पाठशाला को लेकर उत्साहित नजर आए। गोयल ने बताया कि आगामी 10 से 15 दिन के अंदर इस क्षेत्र में भट्ठा संचालकों के सहयोग से पाठ्य सामग्री, व शिक्षकों की व्यवस्था कर पाठशाला खोल दी जाएगी। जिससे बच्चे पढ़ पाएंगे।

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