सभी राजनीतिक दलों में मतभेद होते हैं, कांग्रेस के सभी नेता एकजुट-शांति धारीवाल।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस हाईकमान की ओर से चलाए गए अनुशासन के डंडे का सरकार में अभी खौफ बरकरार है। खासकर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने अब इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन साध लिया है। इसकी वजह यह है कि वे पहले एक बार बयान देकर फंस चुके हैं। धारीवाल ने पहले कहा था कि उन्होंने नोटिस का जवाब भिजवा दिया था। इस पर पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसका मतलब मामला शांत हो चुका है। लेकिन, उनके इस बयान का तत्काल महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने खंडन कर दिया था। इन नेताओं ने कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद नोटिस मामले को देखा जाएगा। मंत्रियों के जवाब का भी नई परिस्थितियों में अध्ययन किया जाएगा। गहलोत सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर शनिवार को धारीवाल ने अपने निवास पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उनसे कांग्रेस पार्टी में बढ़ती अनुशासनहीनता और नोटिसों को लेकर पूछा गया। धारीवाल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों में थोड़े-बहुत मतभेद होते हैं। बाकी सभी नेता एकजुट हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और वे एकजुट हैं। अब कोई मतभेद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान से गुजरी तो सभी नेता उसमें पूरी एकजुटता के साथ शामिल हुए थे।उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के समय से ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तल्खी बनी हुई है। राजस्थान में मुख्यमंत्री बदले जाने की कवायद के दौरान गहलोत गुट खुलकर पायलट के खिलाफ हो गया था। 102 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी को इस्तीफे तक सौंप दिए थे। भाजपा नेता लगातार इन इस्तीफों को मंजूर किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने तो इसके लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की हुई है।

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