भूरे भालू की दुनिया - डॉ. रामावतार शर्मा

भूरे रंग का यह विशालकाय शरीर, बड़े पंजे और तीखे दांतों वाला भालू अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण बड़ा खतरनाक माना जाता है। यह बड़ा आक्रामक भी होता है पर ज्यादातर समय इसको एकांत में अकेले ही घूमते देखा जाता है। इसके शरीर के लंबे वाले बालों का आखिरी हिस्सा सफेद होता है जिसके कारण कुछ विशिष्ट सा नजर आता है। सामान्यतौर पर यह भालू बेरी, पेड़ पौधों के पत्ते, घास और मेवे आदि खाता है पर जरूरत पड़ने पर मछली, चूहे, कीड़े मकोड़े और मृत जानवर तक को खा सकता है। यह अपने हाथों से जमीन खोदने में माहिर होता है इसलिए जमीन से कंद मूल और गिलहरी आदि को खोद कर खा जाता है। नदी में बहती सालमन मछली इसे बहुत प्रिय होती है।

चूंकि इसके जीवन का एकमात्र उद्देश्य भोजन प्राप्त करना है तो भोजन की तलाश में यह कोई 800 वर्ग किलोमीटर में घूमता रहता है। भूरा भालू समूह में नहीं बल्कि अकेला ही विचरण करता है। अपने क्षैत्र में यह दूसरे भालू या किसी अन्य जीव को नहीं रहने देता। यह बहुत गहरी मांद खोद कर पूरी सर्दी उसी में गुजारता है। उस समय यह अपने शरीर की चर्बी को गला कर ही ऊर्जा प्राप्त करता है। इस तरह से देखा जाए तो साल में सात महीने यह बिना कुछ खाए जिंदा रह सकता है। यह एक तेज बुद्धि का जानवर है। माना जाता है कि यह कुत्ते से कहीं ज्यादा बुद्धिमान होता है। विशालकाय शरीर के साथ साथ इसमें जबरदस्त ताकत होती है। गुस्सा आने पर विशाल चट्टानों को लुढ़का देता है। इतने भारी भरकम शरीर के बावजूद कम दूरी के लिए तो एक घोड़े जितनी तेज दौड़ लगा सकता है।

मादा भालू शीत निष्क्रियता ( विंटर हाइबरनेशन ) के दौरान अपनी मांद में चार तक बच्चे जन्म दे सकती है। चूंकि नर भालू बच्चों को मार देता है इसलिए मां उन्हें तीन साल की उम्र तक अपने साथ रख कर भोजन ढूंढना और आत्मरक्षा करना सिखाती है। सबल होने के बाद बच्चे अपना जीवन जीने के लिए निकल पड़ते हैं।

एक समय था जब भूरा भालू पूरे उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में पाया जाता था पर लगातार शिकार किए जाने के फलस्वरूप अब इसकी 70 प्रतिशत आबादी सिर्फ अलास्का में ही पाई जाती है। कानूनी प्रतिबंध के बावजूद शिकारी अब भी बाज नहीं आते इसलिए इस 700 किलो वजन वाले जीव का अस्तित्व भी खतरे में है। इस भालू की सूंघने की शक्ति भी जबरदस्त है। किसी मृत जानवर की गंध इसे कई किलोमीटर से आ जाती है। फिर चाहे रास्ते में पहाड़ हो, नदी हो या फिर गहरा जंगल, यह चलता फिरता पर्वत वहां पहुंच ही जाता है।    

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack