राजस्थान हाईकोर्ट ने फार्मासिस्ट भर्ती की मेरिट लिस्ट जारी करने पर लगाई रोक।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब दो हजार पदों के लिए हो रही फार्मासिस्ट भर्ती-2020 की मेरिट लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी रखने की छूट देते हुए लिस्ट को अंतिम रूप नहीं देने को कहा है। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस सीके सोनगरा की खंडपीठ ने यह आदेश भंवर कुमार बागडिया की याचिका पर दिए।याचिका में अधिवक्ता विज्ञान शाह ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने गत 16 नवंबर को फार्मासिस्ट के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया। जिसमें चयन प्रक्रिया का आधार लिखित परीक्षा के बजाए, तय योग्यता में प्राप्त अंकों को रखा गया. भर्ती के नियमों की वैधता को चुनौती देते हुए कहा गया कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। कई निजी विवि में परीक्षा का पैटर्न भिन्न होता है। कहीं फार्मा कोर्स की परीक्षा में केवल वैकल्पिक परीक्षा के जरिए अंकों का निर्धारण होता है। जबकि सरकारी विवि में अंकों का निर्धारण लिखित परीक्षा के जरिए होता है। ऐसे में निजी विवि के अभ्यर्थियों के अंक ज्यादा होते हैं। ऐसे में केवल योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही अभ्यर्थियों के बीच चयन का आधार तय नहीं किया जा सकता। इस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने चयन प्रक्रिया जारी रखने के आदेश देते हुए मेरिट लिस्ट को अंतिम रूप देने पर रोक लगा दी है।

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