खनन माफियाओ ने पहाड़ों को किया समतल, जिम्मेदार बने माफियाओं के रखवाले।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी। 
चित्तौडग़ढ़ में खनिज विभाग के  अधिकारी और कर्मचारियों की खनन माफियाओ से मिलीभगत से अवैध खनन करके आसपास के क्षेत्र के पहाडो को छलनी कर पताल तक उसकी खुदाई करने का काम जोर-शोर से जारी है। वहीं दूसरी ओर सरकारी गोचर भूमि पर अवैध तरीके से अतिक्रमण करने का काम भी जोर शोर से किया जा रहा है। इससे जहाँ ऊंचे पहाड़ साल दर साल गायब होते जा रहे हैं वही सरकार की गोचर भूमि भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही है । धन बल और सत्ता बल से मजबूत माफिया की हैसियत बढ़ती जा रही है। कई पहाड़ों को समतल मैदान में बदल दिया है। 
जो पहाड कभी यहां ऊंचे थे उनको समतल कर दिया गया है। खनन और सरकारी गोचर भूमि किसी भी तरह का कार्य करने पर  रोक लगाए जाने के बावजूद भी बड़े माफिया सक्रिय है। चित्तौड़गढ़ और आस पास में लगातार अवैध खनन का खेल जोरों पर चल रहा है। शहर के समीपवर्ती गांव मांदलदा,मानपुरा, सहनवा, बोजुन्दा,बस्सी, घाघसा, घोसुंडा मे  पहाड़ियों के साथ आसपास से अवैध खनन कर माफियाओं ने पहाड़ को मैदान बना दिया है। वही नरपत की खेड़ी पुलिया के समीप भी एक बड़ी सरकारी गोचर  भूमि पर  मार्बल उद्यमी अवैध रूप से कब्जा करने की नियत से इसमें फैक्ट्री से निकलने वाला रसायनिक अपशिष्ट पदार्थ डालने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। जानकारी मे सामने आया है कि चित्तौडग़ढ़ और आसपास  रहने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा काफी लंबे समय से पहाड़ी को खोदकर मिट्टी ले जाने का कार्य जोरों पर चला रखा है। मौके पर जेसीबी से पहाड़ों की खुदाई कर ट्रैक्टर और डंपर में भरकर मिट्टी ले जाया जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कई बार खनिज विभाग की गाड़ियां यहां आती रही है लेकिन लंबे समय से विभाग की गाड़ियां यहां आना बंद हो गई है। जिससे लगता है कि कहीं ना कहीं विभाग के कुछ अधिकारियों की इसमें मिलीभगत हो सकती है। लेकिन विभाग की इस लापरवाही से राजस्व को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। छिटपुट कार्रवाई के कारण माफियाओं के हौसले भी बुलंद है। इस पूरे मामले में जब चित्तौड़गढ़ खनन विभाग के अधिकारी विनीत गहलोत से बात की तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कहकर इतिश्री करते हुए कार्यवाही करने की बात की है।अब प्रश्न यह उठता है  कि जब विभाग के कुछ अधिकारियों से खनन माफियाओं की सांठगांठ है तो कार्रवाई कैसे संभव हो सकती है। वही जानकारी में यह भी सामने आया है कि खनिज विभाग के कुछ अधिकारीयों कि खनन माफियाओं से सीधी सांठगांठ होने के कारण अवैध खनन जोर शोर से चल रहा है जिस पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने के चलते आसपास के क्षेत्र में पहाड़ियां अब मैदान और पाताल बनने लगी है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खनिज विभाग में कार्यरत एक अधिकारी अपने आपको विभाग का सर्वे सर्वा मानता है और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को काम में रुकावट नहीं डालने और दखल नहीं देने के लिए धमकी भी देता है। जिसके कारण विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मूकदर्शक बन कर अवैध खनन के बारे में कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं और इसी कारण चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के आसपास में ऊंची पहाड़ियां अब मैदान और पाताल बनने लगी है। हो सकता है कि आने वाले समय में यहां पर भू माफियाओं के द्वारा अवैध तरीके से कब्जे करने कि गतिविधियां में दिखाई देने लगी है जिसके लिए सिर्फ खनिज विभाग के जिम्मेदार है।

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