सीएम गहलोत बोले-अब युवा तय करेंगे प्रदेश के बजट की दिशा।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि युवा, खिलाड़ी, महिलाएं, प्रोफेशनल्स एवं विद्यार्थी राज्य के विकास की अहम कड़ी है। उनकी ऊर्जा और क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग कर प्रदेश के विकास को नई सोच के साथ नई दिशा दी जा सके, इसके लिए राज्य सरकार लगातार फैसलें ले रही है। युवाओं एवं महिलाओं को बेहतर अवसर एवं वातावरण उपलब्ध कराकर आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में भी युवाओं और महिलाओं के सुझावों को स्थान दिया था और आगामी बजट भी उनकी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जाएगा। गहलोत शासन सचिवालय के कॉन्फ्रेन्स हॉल में युवा, खिलाड़ी, महिला, प्रोफेशनल्स एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा अपनी योग्यता के दम पर राज्य के विकास में भागीदार बनें। सरकार उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित करेगी और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाएगी। 
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में तेजी से राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नीतिगत फैसलों और योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने और गांव-ढ़ाणी तक उनका लाभ पहुंचाने में युवाओं और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्व. राजीव गांधी ने आईटी के माध्यम से युवाओं को आधुनिक युग से जोड़ने का सपना देखा था। राज्य सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है। सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है। राज्य सरकार एक करोड़ से ज्यादा प्रदेशवासियों को पेंशन दे रही है।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से आमजन को महंगे उपचार की चिंता से मुक्ति मिली है। पुरानी पेंशन योजना को लागू किया गया है ताकि सरकारी कार्मिकों में अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा का भाव आए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सामाजिक सुरक्षा को आधार बनाकर कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए तथा पूरे देश के लिए समान पेंशन योजना नीति बनानी चाहिए। गहलोत ने कहा कि महिलाओं के माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए उड़ान योजना प्रारंभ की गई है। पूर्व में राज्य सरकार द्वारा एक हजार करोड़ रूपये की लागत से इन्दिरा महिला शक्ति योजना संचालित की गई थी। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए इन्दिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, बैक टू वर्क योजना शुरू की गई है। जनजाति बाहुल्य जिलों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इन्दिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना लागू की गई है। गहलोत ने कहा कि महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार और विकास में भागीदार बनाने के लिए दहेज, घूंघट एवं बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का उन्मूलन बेहद जरूरी है। समाज की प्रबुद्ध एवं प्रोफेशनल महिलाएं एवं युवा वर्ग इन बुराइयों को दूर करने के लिए अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करें। उनकी प्रगतिशील सोच से ही समाज और प्रदेश आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा राज्य सरकार की नीतियों का केन्द्र बिन्दु हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतरीन कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों। इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ काम किया जा रहा है। विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना-2021 शुरू की है।
बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मुख्य सचिव उषा शर्मा, मुख्यमंत्री सलाहकार गोविन्द शर्मा और निरंजन आर्य, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोडा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेहाना रियाज, जयपुर नगर निगम की पूर्व मेयर ज्योति खण्डेलवाल, राजस्थान प्रगतिशील महिला फेडरेशन की निशा सिद्धु, उपाध्यक्ष राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद् सतवीर चौधरी, युवा उद्यमी नेहा गुप्ता, पैरालंपिक पदक विजेता कृष्णा नागर, कबड्डी विशेषज्ञ कृपाशंकर शर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा, महिला, प्रोफेशनल्स एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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