राहुल गांधी के गले लगाने के बाद शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान का गहलोत सरकार ने किया प्रमोशन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
शिक्षा विभाग में शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान का कद बढ़ गया है। मंत्री बीडी कल्ला की ओर से जारी किए गए स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार जाहिदा खान अब टीचर के ट्रांसफर कर सकेंगी। वहीं गजेटेड, नॉन गजेटेड कार्मिकों के ट्रांसफर के पावर भी उन्हें दिए गए हैं। यही नहीं समग्र शिक्षा और वित्तीय स्वीकृतियां अब सिर्फ जाहिदा के हाथ में होंगी। इस बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव के नजरिए से भी देखा जा रहा है। दरअसल राहुल गांधी की हाल ही अलवर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जाहिदा खान की नाराजगी का मामला उठा था। यात्रा के बीच जाहिदा खान राहुल गांधी से भी मिली थी। माना जा रहा है कि इस दौरान जाहिदा ने राहुल गांधी से अपनी पीड़ा व्यक्त की। जिसके बाद एकाएक बीडी कल्ला ने जाहिदा खान की पावर बढ़ाने का स्टैंडिंग आर्डर जारी किया है। 
शिक्षा विभाग में अब केबिनेट मंत्री बीडी कल्ला से ज्यादा अधिकार राज्यमंत्री जाहिदा खान के पास आ गए हैं। कल्ला के पास जहां शिक्षा विभाग के 14 कार्यों के अधिकार हैं, वहीं जाहिदा को 71 कार्यों के अधिकार दिए गए हैं। बाकी 48 कार्य ऐसे हैं जो दोनों के पास रहेंगे।
जाहिदा को मिले ये प्रमुख काम।
तबादले, संस्थापन, वरिष्ठता निर्धारण, त्याग पत्र, अधिवार्षिकी आयु प्राप्त व्यक्तियों को पुन: नियुक्ति, सेवानिवृत्ति संबंधी कार्य। अनुशासनात्मक मामलों में प्रारंभिक जांच, पुनरावलोकन याचिकाएं, अवकाश संबंधी मामले, राजस्थान के बाहर यात्रा की स्वीकृति, राज्य सेवा के अधिकारी के अतिरिक्त की 60 दिन से अधिक अवकाश स्वीकृति। राज्य के अंदर प्रशिक्षण, शिक्षा अधिकारी और कार्मिकों की भारत या विदेश में भ्रमण स्वीकृति, राज्य सेवा के अतिरिक्त अन्य की विदेश सेवा प्रतिनियुक्ति। विधि संबंधी प्रकरण : प्रभारी अधिकारी, न्यायलय के निर्णय की क्रियांविति, राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के अन्य प्रकरण, भाषा विभाग, अकादमी कार्यक्रमों का पुनरावलोकन, निरीक्षण, दौरों का प्रतिवेदन। बाल मेला, प्रदर्शनी त्यौहार-उत्सव, भूमि - भवन, स्कूल बंद करना। पद सृजित करना, शैक्षिक प्रौद्यौगिकी संस्थान अजमेर, वित्तीय स्वीकृति, अनुदानिक संस्थाओं से संबंधित प्रकरण। 

कई बार अपनी पीड़ा जाहिर कर चुकी थी जाहिदा।

अगर शिक्षा विभाग में बड़े कार्यों की बात करें तो तबादलों के बाद समग्र शिक्षा और वित्तीय स्वीकृति का नंबर आता है। दोनों ही कार्य अब राज्यमंत्री जाहिदा को दिए गए हैं। यानी समग्र शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों और प्रोजेक्ट्स की फाइल मंजूरी के लिए राज्यमंत्री के पास ही जाएंगी। वित्तीय स्वीकृति भी अब राज्य मंत्री ही देंगी। बता दे, कि करीब एक वर्ष पहले मंत्रीमंडल में बदलाव के बाद जाहिदा खान को शिक्षा राज्यमंत्री बनाया गया था। लेकिन विभाग से संबंधित सभी कार्यों के अधिकार केबिनेट मंत्री बीडी कल्ला के पास थे। इसे लेकर कई बार जाहिदा अपनी पीड़ा जाहिर कर चुकी थी। बहरहाल, शिक्षा विभाग में अचानक किए गए इस बदलाव को अगले साल होने वाले राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा चुनाव के नजरिए से भी देखा जा रहा है। चूंकि हरियाणा के फरीदाबाद और गुड़गांव सहित प्रदेश की 22 सीटों पर में मेव वोट प्रभावशाली स्थिति में हैं और मेवों पर जाहिदा परिवार की तीन पीढ़ियों से अच्छा प्रभाव रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मेव वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस ने शिक्षा विभाग की शक्तियों का हस्तांतरण किया है।

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