जालौर और करौली के वन क्षेत्र में हरियाली की नहीं है कमी- मंत्री हेमाराम चौधरी

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
वन मंत्री हेमाराम चौधरी ने विधानसभा में कहा कि जालौर और करौली जिलों में वन क्षेत्र में हरियाली में कमी नहीं आई है। वन मंत्री ने कहा कि रिकॉर्डेड सर्वे में वन एवं गैर वन,दोनों क्षेत्रों को शामिल कर लिया जाता है। दोनों ही जिलों में गैर वन क्षेत्र में विलायती बबूल की कटाई आदि कारणों से हरियाली में कमी दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण की इंडिया स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट वर्ष 2021 में इसी कारण जालौर और करौली जिलों में हरियाली में कमी दिखाई गई है। चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस संबंध में विभाग द्वारा दोबारा सर्वे के लिए भी लिखा गया है। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल से भूमि को होने वाले नुकसान को देखते हुए इसे हटाकर गैर वन क्षेत्र में दूसरी वनस्पतियों को लगाया जा रहा है। इससे भूमि की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। इससे पहले वन मंत्री ने विधायक गुलाब चन्द कटारिया के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि भारतीय वन सर्वेक्षण की इंडिया स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट वर्ष 2021 के अनुसार वर्ष 2019 के सापेक्ष जालौर जिले में 32.46 वर्ग किमी. तथा करौली में 26.16 वर्ग किमी. वनावरण कम हुआ है। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में वृक्षारोपण हेतु विभिन्न योजनान्तर्गत प्रतिवर्ष 200 करोड़ रूपये से अधिक का प्रावधान रखा गया है। वन मंत्री ने गत पांच वर्षों में वृक्षारोपण कार्यों में आवंटित व व्यय राशि का विवरण एवं जिलेवार वनावरण में वृद्धि का विवरण सदन के पटल पर रखा।

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