होमगार्ड कल्याण कोष का इस्तेमाल केवल होमगार्ड कल्याण के लिए किया जाए-हाईकोर्ट

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर होम गार्ड विभाग को निर्देश दिया है कि होमगार्ड कल्याण कोष का इस्तेमाल केवल होमगार्ड कल्याण के लिए ही किया जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अभी फरवरी में  करने का निश्चय किया है। होमगार्ड समन्वय समिति की याचिका पर न्यायाधिपति महेंद्र गोयल की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। हाई कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डॉ. अभिनव शर्मा ने बताया की 100 करोड़ से भी अधिक राशि का होमगार्ड कल्याण कोष बना रखा है । जिसका अंशदान राज्य के 26000 दैनिक वेतनभोगी होमगार्ड से  प्रतिवर्ष संकलित किया जाता है। याचिका में बताया की इस कोष को प्रोविडेंट फंड में हस्तांतरित करने के लिए बाध्य होने के बावजूद सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। राज्य के भविष्य निधि विभाग ने भी जवाब पेश कर कहा की भविष्य निधि अधिनियम की पालना के लिए गत एक दशक से राज्य सरकार से पत्राचार किया जा रहा है और पीफ में राशि जमा नही करने पर विधि में शास्ति का प्रावधान है। लेकिन सरकार द्वारा अल्पवेतन भोगी कर्मियों के साथ उचित व्यवहार नही हो रहा है। ज्ञात हो की याचिका में कोर्ट को बताया कि कल्याण कोष में होमगार्ड विभाग के उच्च अधिकारी भी नाममात्र की अंशराशि देकर सदस्य बन जाते है और जमा धनराशि का प्रयोग विभाग में फर्नीचर खरीद कर या शेड बनाने ,गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में खर्च किया जाता है। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया कि गणतंत्र दिवस पर बड़ी धनराशि का दुरुपयोग होता है जिसे रोका जाना चाहिए।

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