सोसायटीयां अभी में घाटे में, केंद्र सरकार सुधार के लिए प्रयासरत-सतीश मराठे

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
आरबीआई के निदेशक और सहकार भारती के संस्थापक सदस्य सतीश मराठे ने कहा है कि घाटे में चल रही सहकारी समितियों को उभारने के लिए केंद्र सरकार ने अलग से मंत्रालय बनाते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आरबीआई के निदेशक और सहकार भारती के संस्थापक सदस्य सतीश मराठे ने शनिवार को सरकार भारतीय 44 वे स्थापना दिवस के अवसर पर केशव माधव सभागार के तृतीय तल पर आयोजित एक कार्यक्रम मे भाग लेने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में 2 राज्यों को छोड़कर सभी जगह पर कोऑपरेटिव सोसायटी अच्छा कार्य कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई सोसायटी वर्तमान में घाटे में संचालित हो रही है। उन्हें सुधारने के लिए केंद्र सरकार कई प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में अलग से मंत्रालय बनाकर सरकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कदम बढ़ाए हैं, जो कि काफी सार्थक साबित हो रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि चित्तौड़गढ़ में भी सहकारिता के क्षेत्र में कई आयाम स्थापित हुए हैं और चित्तौड़गढ़ जिला प्रदेश में अग्रणी जिलों में से एक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए सहकारिता एक प्रमुख माध्यम बन सकता है। अपने संबोधन में चित्तौड़गढ़ अर्बन को ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन डॉ आई एम सेठिया ने कहां की सहकारिता के 44 वर्ष पूरे होना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक एमडी वंदना वजीरानी, भूमि विकास बैंक चेयरमैन कमलेश पुरोहित सहित सहकार भारती से जुड़े कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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