गहलोत सरकार नकल प्रकरणों में लिप्त व्यक्तियों को सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के सुचारु आयोजन के लिए गम्भीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कुल 182 भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया गया है, जिसमें से 145 भर्तियों में नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं। शेष 37 भर्तियों में से 21 भर्तियों के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए हैं एवं 7 भर्तियों में साक्षात्कार शेष हैं। साथ ही, 9 भर्तियों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है एवं परिणाम जारी किया जाना शेष है। कल्ला विधानसभा में सरकार की ओर से इस संबंध में वक्तव्य दे रहे थें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक एवं नकल आदि अवांछित गतिविधियों को रोकने, भर्तियों को समयबद्ध रूप से सम्पादित करने एवं भर्ती प्रक्रिया के सुदृढीकरण पर सुधारात्मक सुझाव देने के लिए राज्य सरकार ने दो समितियों का गठन किया है।राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र लाल कुमावत की अध्यक्षता में 10 अप्रेल, 2021 को समिति का गठन किया गया, जबकि राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार व्यास की अध्यक्षता में 30 जनवरी, 2022 को उच्चस्तरीय समिति गठित की गई।शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में नकल माफिया पनप गया है। पक्ष-विपक्ष को मिलकर इस पर रोक लगानी होगी। उन्होंने कहा कि सदन के सभी सदस्य पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर इस सम्बन्ध में सुझाव दें ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। कल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कानून में सख्त प्रावधान किये गए हैं। यदि और भी सख्त कानून लाना पड़े तो हम इसके लिए तैयार हैं। राज्य सरकार पेपर लीक के प्रकरणों में कर रही है कठोरतम कार्रवाई नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक प्रकरणों में कठोरतम कार्यवाही कर रही है और ऐसे प्रकरणों में लिप्त व्यक्तियों को सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। धारीवाल ने विधानसभा में सरकार की ओर से इस संबंध में वक्तव्य देते हुए बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नकल प्रकरणों में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध निरंतर वृहद् स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2019 से 2022 तक 15 प्रकरण दर्ज किए गए और 281 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 2014 से 2018 में ऐसे 19 प्रकरण दर्ज किया गए थे, जिनमें 241 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि रीट परीक्षा से संबंधित प्रकरण में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच से संतुष्टि दिखाई है। इस प्रकरण में 102 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 20 लाख रूपये जब्त किए गए। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए राज्य सरकार तत्परता से निर्णय ले रही है। इस संबंध में सरकार द्वारा कानून भी लाया गया, जिसके अंतर्गत नकल में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर प्रावधान किए हैं। यहां तक कि नकल प्रकरणों में षड़यंत्र एवं इसके प्रयत्न को भी अपराध माना गया है। दस वर्ष तक का कारावास, करोड़ों रूपये का जुर्माना, सम्पत्तियों की जब्ती व कुर्की जैसे सख्त प्रावधान भी किए हैं। साथ ही, राज्य सरकार ने 14 मार्च, 2022 को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में नकल विरोधी सेल का गठन भी किया है। धारीवाल ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अधिगम कोचिंग इंस्टीट्यूट के भवन पर न्यायसंगत कार्रवाई की है।प्राधिकरण ने अधिगम इंस्टीट्यूट के भू-स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी किया था। इसके विरूद्ध भू-स्वामी ने प्राधिकरण न्यायालय में स्थगन की अपील की थी लेकिन न्यायालय ने भवन को ध्वस्त करने के आदेश दिए।

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