प्रशासन ने सड़क सुरक्षा सप्ताह को बनाया महज रस्म अदायगी।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ में जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से इन दिनों 32 वें सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। जिसके अंतर्गत सिर्फ लोगों को गुलाब का फूल देकर समझाइश करने के साथ ट्रैफिक रूल्स के पालना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके विपरीत जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की आंखों के सामने यातायात नियमों की अवहेलना धड़ल्ले से की जा रही है जिसमें सिर्फ कृषि कार्य में काम आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली पर अवैध तरीके से ओवरलोड खंडे भरकर शहर में मौत बनकर सरपट दौड़ रहे हैं। 
जिन पर दोनों ही विभाग राजनीतिक दबाव के चलते कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जिनसे पहले भी कई बड़े हादसे घटित हो चुके हैं।जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ में इन दिनों 11 से 17 जनवरी तक 32 वा सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने की खानापूर्ति की जा रही है और इसमें सिर्फ हमेशा की तरह गुलाब का फूल देकर आमजन को यातायात नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।इसके साथ परिवहन विभाग की ओर से कठपुतली के शो दिखा कर आमजन को यातायात नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और सप्ताह भर चलने वाले इस तरह के कार्यक्रमों से आमजन यातायात नियमों की पालना करवाने में दोनों ही विभाग कितने सफल होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इस पूरे सड़क सुरक्षा सप्ताह में अवैध वाहनों पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करना जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहा है। जिसमें प्रमुख रुप से बात की जाए तो शहरी क्षेत्र से 5 किलोमीटर दूर मानपुरा क्षेत्र में अवैध तरीके से संचालित हो रही पत्थर की खदानों से निकलने वाले खंडो को कृषि में काम आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली मैं ओवरलोड भरकर शहर की सड़कों पर सरपट मौत बनकर दौड़ रहे हैं। जिनसे पत्थर गिर कर पहले भी कई हादसे घटित हो चुके हैं जिनमें कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन इस महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा सप्ताह में इन अवैध तरीके से संचालित हो रहे वाहनों पर राजनीतिक दबाव के चलते यातायात पुलिस और जिला परिवहन विभाग कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। जिसमें जानकारी में सामने आया है कि मानपुरा की खदानों में दोनों ही प्रमुख दलों के कई राजनीतिक व्यक्ति शामिल है। जिन पर कार्यवाही करने में   पुलिस और जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों की हिम्मत नहीं हो रही है। जानकारी में सामने आया है कि पूरे दिन में मानपुरा की अवैध खदानों से 100 से अधिक क़ृषि कार्य मे काम आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली ओवरलोड खंडे भरकर निकलते हैं लेकिन आज तक इन पर कोई भी कार्रवाई नहीं किया जाना दोनों विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है।

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