चाइनीज मांझे से 950 पक्षी घायल, 100 पक्षियों की हुई मौत।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का जोर रहा। पतंगबाजी के दौरान 950 से अधिक पक्षी पतंग की डोर से घायल हो गए। करीब 100 पक्षियों की मौत हुई है। बर्ड रेस्क्यू में लगे कई एनजीओ ने अपने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अशोक विहार में वन विभाग की ओर से पक्षी उपचार केंद्र बनाया गया है। वही घायल बेजुबान पक्षियों के इलाज के लिए जयपुर शहर में करीब एक दर्जन जगहों पर एनजीओ के सहयोग से पक्षी उपचार शिविर लगाए गए हैं। ज्यादातर कबूतर घायल हो रहे हैं। इसके साथ ही चील, तोता, मोर उल्लू समेत अन्य पक्षी भी घायल हुए हैं। अशोक विहार पक्षी उपचार केंद्र पर 54 पक्षी घायल अवस्था में लाए गए।रक्षा संस्थान के पक्षी उपचार केंद्र पर 230 घायल पक्षी आए और 16 पक्षी मृत अवस्था में आए। नेचर केयर संस्थान के पक्षी उपचार केंद्र पर 61 घायल पक्षी आए जिनमें करीब 5 मृत पक्षी आए हैं। जयपुर चिड़ियाघर में करीब 50 घायल पक्षी लाए गए। होप एंड बियोंड संस्था के पक्षी उपचार शिविर पर करीब 150 घायल पक्षी और 15 पक्षी मृत आए। हेल्प एंड सर्व ऑर्गेनाइजेशन के शिविर में 34 पक्षी घायल और 4 पक्षी मृत आए। डिजास्टर असिस्टेंस एंड रेस्क्यू टीम के शिविर में करीब 37 घायल पक्षी और 4 पक्षी मृत लाए गए। इको रेसक्यूअर्स फाउंडेशन के शिविर में 85 पक्षी घायल आए और 5 पक्षी मृत आए। श्री कृष्ण सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के शिविर में 50 घायल और 5 पक्षी मृत लाए गए। श्री राम गौ सेवा दल के पक्षी उपचार शिविर में करीब 72 घायल पक्षी आए, जिनमें 12 पक्षी मृत हैं। पक्षी प्रेमी पूजा बंसल के मुताबिक होप एंड बियोंड संस्था की ओर से हेल्प लाइन नंबर 8239939929 जारी किया गया है। रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल के मुताबिक संस्था की ओर से घायल पक्षियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9828500065 जारी किया गया। लोगों से अपील की गई है कि हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देकर ज्यादा ज्यादा पक्षियों की जान बचाने में सहयोग करें। वन विभाग की ओर से रेस्क्यू रेंजर के हेल्पलाइन नंबर 9414378130 और डॉक्टर अशोक तंवर के मोबाइल नंबर 9829022027 जारी किया गया है। नेचर केयर संस्था की ओर से पक्षी हेल्पलाइन नंबर 9352535425 जारी किया गया है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉक्टर अशोक तंवर ने बताया कि वन विभाग का अशोक विहार पक्षी उपचार केंद्र पूरे साल चालू रहता है। लेकिन मकर सक्रांति पर ज्यादा पक्षी घायल होते हैं, ऐसे में जयपुर शहर के विभिन्न इलाकों में पक्षी उपचार शिविर लगाए गए हैं। घायल पक्षियों का इलाज किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम को 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी नहीं करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack