जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में डीएलसी के नए प्रस्तावों का किया अनुमोदन।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
भूमि का बाजार मूल्य निर्धारण हेतु गुरुवार को जिला कलेक्टर रूकमणि रियार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति ( डीएलसी) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिसमें भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण हेतु नए प्रस्तावों का समिति के सदस्य जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के बाद अनुमोदन किया गया। बैठक की शुरूआत में पंजीयन एव मुद्रांक विभाग के उप महानिरीक्षक कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि इससे पहले 19 जून 2019 को डीएलसी की बैठक आयोजित हुयी थी। जिसको दिनांक 24 जून 2019 से लागू किया गया था। उसके पश्चात राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा दिनांक 20 फरवरी 2020 को डीएलसी की दरों में 10 प्रतिशत की कमी की गयी एवं बजट घोषणा दिनांक 24 फरवरी 2021 से पुनः गैर कृषि दरों में 10 प्रतिशत डीएलसी की दरों में कमी की गयी। इसके उपरांत बजट घोषणा 23 फरवरी 2022 को डीएलसी की दरों में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। इस प्रकार वर्ष 2019 की दरों की तुलना में आज दिनांक को गैर कृषि दरें लगभग 15 प्रतिशत कम व कृषि दरें भी तत्समय से लगभग 5 प्रतिशत कम है।डीआईजी स्टांप शर्मा ने बताया कि वर्तमान में बाजार भाव में काफी वृद्धि हुयी है व राज्य सरकार द्वारा राजस्थान स्टाम्प नियम, 2004 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खण्ड बी के अधीन गठित जिला स्तरीय समिति के नियम एवं दिशा निर्देश एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश की पालना में तैयार डीएलसी के नये प्रस्ताव यथोचित वृद्धि के साथ संबंधित उप पंजीयकों द्वारा बैठक में रखे गये हैं। जिनका समिति अध्यक्ष जिला कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा करने के बाद अनुमोदन कर दिया गया। उप पंजीयक हनुमानगढ़ की कृषि भूमि के 17 जोन में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी एवं 9 जोन में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी। शहरी क्षेत्र के कुल 110 जोन में से 59 जोन में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि व 49 जोन में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी । एक जोन में 35 प्रतिशत एवं एक जोन में 43 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। उप पंजीयक नोहर के कृषि क्षेत्र के 11 गांव / चक में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। शेष 117 गांव / चक में 0 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी । एवं शहरी क्षेत्र के जोनों में 0 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी।उप पंजीयक भादरा के आवासीय क्षेत्र के 59 जोन में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी व 59 जोन में ही 21 से 33 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है। आवासी दरों में 0 से 33 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है। वाणिज्यिक दरों में 0 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है। कृषि क्षेत्र में 0 से 48 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक छानीबडी मे उप पंजीयक द्वारा कुल 10 जोन में आवासीय भूमि में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है एवं वाणिज्यिक भूमि में 0 से 32 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है । एवं कृषि भूमि की दरों में 0 से 46 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है उप पंजीयक डबली राठान मे उप पंजीयक के सभी जोन में में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक पल्लू मे उप पंजीयक के सभी जोन में में 0 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक पीलीबंगा मेसभी जोन में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है । उप पंजीयक रावतसर के सभी जोन में में 0 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक संगरिया मे 0 से 20 प्रतिशत की वृद्धि चार जोन में एवं 20 से 48 प्रतिशत तक की वृद्धि 20 जोन में। वाणिज्यिक दरों में 0 से 37 प्रतिशत तक की एवं कृषि भूमि की दरों में 0 से 48 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक टिब्बी के 0 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि 6 जोन में की गयी है। 31 से 45 तक की वृद्धि 8 जोन में की गयी है। वाणिज्यिक भूमि में 0 से 49 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।उप पंजीयक रामगढ मे 0 से 20 प्रतिशत तक 26 जोनों में वृद्धि की गयी है व दो जोन में 21 से 45 तक की वृद्धि की गयी है। कृषि भूमि में 0 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।

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