श्रीगंगानगर में इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए पीसीईई की मिली हरी झंडी।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा। 
आने वाले दिनों में इलाके का रेल परिदृश्य बिलकुल बदल जायेगा।जिस प्रकार स्टीम इंजन कुछ दशक पूर्व इतिहास के पन्नों में दर्ज हुए थे। ठीक उसी प्रकार वर्तमान में चल रहे डीजल लोको भी जल्द ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जायेंगे। पूरे क्षेत्र में रेल विद्युतीकरण का कार्य जोर शोर से चालू है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण के अनुसार मुख्य बीकानेर मंडल के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ रेल खंड में इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य बिजली इंजीनियर (पी.सी.ई.ई )  राजेश मोहन ने बीकानेर के मंडल रेल प्रबंधक राजीव श्रीवास्तव के साथ खंड में किए गए रेल विधुतिकरण के कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रधान कार्यालय व मंडल के अधिकारी की टीम के अलावा इरकॉन के अधिकारी भी साथ थे । निरीक्षण टीम सुबह श्रीगंगानगर स्टेशन से निरीक्षण कार द्वारा चल कर करीब दोपहर 3.00 बजे हनुमानगढ़ स्टेशन पहुंची। इसके पश्चात हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर के मध्य 110 कि.मी. प्रति घण्टे की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ा कर विधुतिकृत लाइन की अनुकूलता सुनिश्चित की गई। क्षेत्र के भटिंडा – हनुमानगढ़ – सूरतगढ़ खंड में पहले ही बिजली चालित गाड़ियों का संचालन शुरू हो चुका है। निकट भविष्य में इस खंड में भी बिजली चालित गाड़ियों का संचालन शुरू हो जाएगा। जिससे भारतीय रेल के डीजल पर निर्भरता को कम करते हुए हरित ऊर्जा से रेल गाड़ियों के संचालन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी साथ ही समय की भी बचत होगी। बीकानेर मंडल के इस 67 कि.मी. खंड का विधुतिकरण इरकॉन द्वारा किया गया है। इस खंड के विधुतिकृत होने के साथ ही बीकानेर मंडल का कुल 1332 कि.मी. रेल रूट विधुतिकृत हो चुका है व बचे हुए 448 कि.मी. रूट पर भी कार्य द्रुत गति से चल रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack