राजधानी जयपुर में यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन करेगा भूमि अधिग्रहण।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर शहर में यातायात दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण का अहम फैसला लिया गया है, जिसके तहत उत्तर रिंग रोड के 101 किलोमीटर से 145.10 किलोमीटर के लिए जयपुर तहसील के ग्राम बगराना से आमेर तहसील के चौंप गांव तक 45 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 388.3558 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि उत्तर रिंग रोड परियोजना निर्माण में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जयपुर तहसील के 6, आमेर तहसील के 14 एवं जमवारामगढ़ के 14 गांवों को प्रभावित गावों की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि भूमि अर्जन की कार्यवाही के तहत अधिनियम की धारा 3(ए) का प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी (भूमि अवाप्ति) अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 13 जनवरी, 2023 को प्रेषित कर दिया गया है, जिसका शीघ्र ही भारत के राजपत्र में प्रकाशन होने के उपरान्त आपत्तियां आमंत्रित की जावेगी।प्राधिकरण स्तर पर धारा 3(ए) के प्रस्ताव का भारत के राजपत्र में प्रकाशन करवाने के उपरान्त सक्षम प्राधिकारी कार्यालय स्तर पर अधिसूचना का प्रकाशन दो स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशन करवाया जाएगा। अधिनियम की धारा 3(ग) की उपधारा (1) के अधीन पूर्वोक्त प्रयोजन के लिए ऐसी भूमि के उपयोग पर राजपत्र में इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इक्कीस दिन के भीतर कोई व्यक्ति जो उक्त भूमि में हितबद्ध है, आक्षेप कर सकेगा। भूमि मुआवजा अधिनियम की धारा 3(ए) के प्रकाशन की तिथि को प्रचलित डीएलसी दर से नकद देय होगा। नकद मुआवजा राशि डीएलसी दर के साथ 100 प्रतिशत सोलेशियम एवं मौके पर निर्मित संरचना का तकनीकी मूल्यांकनकर्ता से प्राप्त मूल्यांकन के अनुसार मुआवजा राशि नकद देय होगी।परियोजना निर्माण के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर अमृता चौधरी को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा के राजपत्र दिनांक 5 दिसंबर, 2022 के द्वारा सक्षम प्राधिकारी (भूमि अवाप्ति) के रूप में प्राधिकृत किया गया है। भूमि अवाप्ति प्रक्रिया के तहत अक्टूबर, 2023 तक भूमि अर्जन की कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित हैं।

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