भीनमाल को जिला बनाने और एडीएम कार्यालय खोलने की मुख्यमंत्री से मांग।

जालोर ब्यूरो रिपोर्ट।
भीनमाल को जिला घोषित करने और यहां अतिरिक्त कलेक्टर कार्यालय खोलने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता श्रवण सिंह राठौड़ ने राज्य सरकार से मांग की है। राठौड़ ने मांग रखी कि धार्मिक महत्व के लिहाज से ऐतिहासिक शहर भीनमाल पूरे जिले का मध्य बिंदु, व्यापार, क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में भीनमाल को इस बजट में जिला घोषित किया जाए। राठौड़ ने मांग पत्र में कहा कि भीनमाल को अभी जिला घोषित करना सम्भव नहीं हो तो इस दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए एडीएम कार्यालय की स्वीकृति प्रदान की जाये। सामाजिक कार्यकर्ता श्रवण सिंह राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं जन अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर को लिखित मांग पत्र सौंपा है। 23 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले श्रवण राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस विषय में अवगत कराया है।  कार्यालय बार एसोसिएशन अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बस्तीमल खत्री की ओर से भी भीनमाल में एडीएम कार्यालय खोलने को लेकर श्रवण राठौड़ के जरिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं पुखराज पाराशर को मांग पत्र सौंपा है।  श्रवण राठौड़ ने लिखित मांग पत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहा कि जिला मुख्यालय से भीनमाल बहुत दूर पडता है। ऐसे में इस बजट में संभव हो तो भीनमाल एवं आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर जिला घोषित करवाने की मेहरबानी करावें। अगर अभी जिला घोषित करने में परेशानी हो तो कम से कम भीनमाल की आम जनता की भावना और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये भीनमाल उपखण्ड कार्यालय पर आगामी बजट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय (ADM) स्वीकृत किया जाए। 
किसानों को राजस्व मामलों में मिलेगी मदद।
मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र में श्रवण राठौड़ ने लिखा कि भीनमाल में एडीएम कार्यालय खोले जाने से भीनमाल, रानीवाड़ा एवं सांचौर विधानसभा क्षेत्र के अधीन आने वाले 6 उपखंडों को फायदा होगा। क्योंकि एसडीएम (सहायक कलेक्टर) यहां बतौर राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के रूप में सेवारत है। यहां 
राजस्व न्यायालय क्षेत्राधिकार में जिले का 70 प्रतिशत भू-भाग आता है एवं जिले के तमाम राजस्व मुकदमों में इन मुख्यालय के ही 80 प्रतिशत मुकदमें लंबित है। ऐसे में इन तमाम न्यायालयों का अपीलीय कोर्ट अतिरिक्त जिला कलेक्टर जालोर में होता है। नया एडीएम कोर्ट भीनमाल में स्वीकृत होने से जमीन संबंधी मामलों को लेकर किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। 
एडीएम कार्यालय इसलिए जरूरी।
सांचौर एवं  चितलवाना उपखण्ड मुख्यालय जालौर जिले से करीब 153 व 180 किलोमीटर दूर स्थित है। साथ ही बागोड़ा, भीनमाल, रानीवाड़ा, जसवंतपुरा मुख्यालय भी काफी दूर-दूर है। राजस्व मुकदमों में पक्षकार प्रमुख रूप से किसान होते है। किसानों को लंबी दूरी तय कर न्यायालय में पैरवी करने के लिए आने में भारी धनराशि व्यय होती है। किसानों को लंबा व महंगा न्याय मिल रहा है, जिससे किसानों के साथ अन्याय होता है। ऐसे में इस बजट में तुरंत प्रभाव से भीनमाल में एडीएम कार्यालय स्वीकृत किया जाए।

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