केंद्र सरकार प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा और रक्षा के लिए वचनबद्ध-अर्जुन राम मेघवाल

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार प्राचीन धरोहरो की सुरक्षा और रक्षा करने के लिए वचनबद्ध है, पिछले 8 सालों में नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरगामी सोच के चलते सरकार ने भारत के विभिन्न हिस्सों से चोरी हुई 229 मूर्तियों को एक बार फिर से भारत लाने में सफलता हासिल की है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग के कुंभा महल पहुंचे जहां पर उन्होंने करीब 24 वर्ष पूर्व जिले के रावतभाटा क्षेत्र से चोरी हुई भगवान नटराजन की मूर्ति को ब्रिटेन के एक निजी म्यूजियम से लाने के बाद महंत श्रीचंद्र भारती महाराज और अन्य साधु संतों की उपस्थिति में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत के आजादी के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में प्राचीन धरोहर और मूर्तियों को खंडित किया गया। साथ ही देश बेश कीमती मूर्तियों की चोरी भी हुई है जो कि अत्यंत गंभीर विषय है। लेकिन जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं उनके कार्यकाल में 229 प्राचीन मूर्तियां जो कि विश्व के अलग-अलग देशों में चोरी कर पहुंचाई गई थी। उन्हें वापस भारत लाकर संबंधित पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया हैं। इसी तरह आज चितोड़गढ़ में भी जिले के रावतभाटा क्षेत्र से चोरी हुई एक भगवान नटराज की 200 किलो वजन की प्राचीन मूर्ति को इंग्लैंड से वापस लाने में सफलता मिली है और आज यह मूर्ति फिर से चित्तौड़गढ़ के विश्व प्रसिद्ध दुर्ग पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों से चोरी हुई कई अन्य मूर्तियों की भी पहचान करके उन्हें भारत लाया जाने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के साथ ठहराव के लिए कई नवीन प्रस्तावों को मंजूरी दी। जिसमें चित्तौड़ दुर्ग पर रोपवे बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष कमलेश आमेरिया, अनिल सिसोदिया, गोपाल ईनाणी, राजन माली सहित कई भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।इस अवसर पर पुरातत्व विभाग के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे।

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