चुनावी वर्ष में भगवान देवनारायण की जन्मस्थली से गुर्जर मतदाताओं को साधेंगे पीएम मोदी।

भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
वर्ष 2023 में विधानसभा और वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में गुर्जरों के वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए भगवान देवनारायण की जन्मस्थली भीलवाड़ा के आसींद मालासेरी डूंगरी में केंद्र सरकार  के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा भव्य कोरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को भगवान देवनारायण के 1111 वें  प्रकटोत्सव पर यहां आ रहे हैं। वे अपनी  धार्मिक सभा में भगवान देवनारायण के कॉरिडोर की घोषणा कर सकते हैं। केन्द्रीय संस्कृति  राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर से सांसद हैं ऐसे में पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियां मेघवाल और भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्र शेखर शर्मा की  देखरेख में चल रही हैं। कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बार फिर से मेघवाल और चंद्रशेखर शर्मा 19 जनवरी को आसींद में आ रहे हैं और वहां के गुर्जर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।  मेघवाल और शर्मा ने पहले भी क्षेत्र का दौरा कर विस्तार से रिपोर्ट तैयार की है और उसी आधार पर केंद्र का संस्कृति विभाग कॉरिडोर बनाने  के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस कॉरिडोर में मालासेरी डूंगरी स्थित भगवान देवनारायण के मुख्य मंदिर को शामिल करते हुए आस-पास के क्षेत्र में एक म्यूजियम भी बनेगा, जहां भगवान देवनारायण की जीवनी और क्षेत्र में मौजूद उनके ऐतिहासिक प्रमाणों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं पर एक लाइट एंड साउंड शो साइट भी बनाई जाएगी जहां मंदिर और कॉरिडोर के विषय में शो चलेगा।  19 जनवरी को होने वाली बैठक में केन्द्रीय संस्कृति मंत्री मेघवाल भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ जिलों के गुर्जर समाज के चुनिंदा धार्मिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा करेंगे। इसके बाद दो और बैठकें भी आगे होंगी, जिनमें से एक बैठक में बूंदी, जयपुर, कोटा, भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, झालावाड़ आदि जिलों के गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों से भी बैठक होगी। इसके बाद होने वाली दूसरी बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल क्षेत्र के गुर्जर समाज के धार्मिक - सामाजिक  नेताओं से भी बातचीत की जाएगी।प्रदेश में 25 लोकसभा सीटों में से टोंक-सवाईमाधोपुर, करौली-धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अजमेर, भीलवाड़ा, झालावाड़-बारां, कोटा-बूंदी, जयपुर ग्रामीण, झुन्झुनूं, अलवर, चित्तौड़गढ़ जैसी 12 सीटों पर गुर्जर मतदाता संख्या के मामले में पहले, दूसरे, तीसरे या चौथे नम्बर पर आते हैं। इन सीटों पर वे चुनाव जिताने और हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों में से विराट नगर, जमवारामगढ़, कोटपूतली, देवली, मालपुरा, टोंक, सवाईमाधोपुर, खंडार, दौसा, सिकराय, भरतपुर, बयाना, हिंडौली, जहाजपुर, आसींद, मांडल, शाहपुरा, दूदू, अलवर, लक्ष्मणगढ़, टोडाभीम, लालसोट, बेगूं, कोटा उत्तर, झालरापाटन, किशनगढ़, पुष्कर, नसीराबाद, मसूदा, केकड़ी, करौली, बूंदी, आसींद, भीम, खेतड़ी, नीमका थाना, केशोरायपाटन, बहरोड़, बानसूर, अलवर, नदबई, कामां, चाकसू, आदि विधानसभा की सीटों पर जीत हार मैं गुर्जर मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।  इसी के चलते भाजपा पीएम  मोदी की धार्मिक सभा का आयोजन करने की  तैयारियों में जुटी हुई है।

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