जियो और जीने दो सिद्धांत का करें पालन-अध्यक्ष, राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष के. सी. विश्नोई ने कहा कि राज्य सरकार के पशु कल्याण के प्रति संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा पशुओं के प्रति दया भाव एवं सद्भाव के भाव को जागृत करने के उद्देश्य से जियो और जीने दो हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा की हस्ताक्षरकर्ता न केवल स्वयं इस संकल्पना को साकार करने में योगदान दें बल्कि आम जन मे भी जीव जंतुओं के प्रति सद्भाव की भावना को जागृत करें। विश्नोई निदेशालय पशुपालन विभाग परिसर स्थित राज्य-जीव जंतु कल्याण बोर्ड में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी नियमित कार्यों के साथ-साथ पशुकल्याण के कार्य भी सम्पादित करने का कार्य प्रमुखता से करें। उन्होंने कहा कि विभाग अन्य संस्थाओं के साथ सामंजस्य स्थापित कर पशुकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता आया है। उन्होंने आगामी दिनों में राज्य स्तर पर विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले पशु कल्याण पखवाड़े के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति के अवसर पर पतंगबाजी प्रातः 10 बजे से सांय 4 तक ही करने के लिए आमजन में जागरुकता पैदा करने का आग्रह किया ताकि सुबह-शाम पक्षियों के विचरण का समय होने से पक्षी घायल नहीं हों। इस मौके पर 'ऑपरेशन फ्री स्काई' पोस्टर का भी विमोचन किया गया। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ ने कहा कि पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने एवं पशुपालकों के कल्याण के लिए विभाग सदैव समर्पित है। उन्होंने कहा कि पशु कल्याण की दिशा में विभाग द्वारा नित नए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर मौजूद गोपालन विभाग के निदेशक चांदमल वर्मा ने कहा की राज्य सरकार गौशालाओं को 9 माह का अनुदान दे रही है व सभी पंचायत समिति स्तर पर नन्दीशालाएं खोलने की कार्ययोजना को प्रगति दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विभाग पूर्णतया गोवंश एवं गोपालकों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित होकर हर संभव प्रयास कर रहा है।इस अवसर पर डॉ. अरविन्द सिंह ने कहा कि सभी जीव-जंतु पंच तत्वों से निर्मित होते हैं और इन्हीं पांच तत्वों को आत्मसात कर ही जियो और जीने दो की संकल्पना को साकार किया जा सकता है, जिसके माध्यम से ही पशु कल्याण संभव है और यही बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एनएम सिंह, वित्तीय सलाहकार मनोज शांडिल्य, गोपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. लाल सिंह, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन मिश्रा, डॉ. सुरेश मीणा, डॉ. पी.सी. भाटी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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