जन्म से पहले भ्रूण जांच करवाना जघन्य अपराध-सहायक निदेशक

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
राष्ट्रीय बालिका दिवस साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत राजकीय देवनारायण आदर्श कन्या छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक रिंकी किराड़ ने कहा कि बालक बालिका में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा जाए एवं बालिकाओं की परवरिश बेटों की तरह की जाए। सहायक निरीक्षक ने कहा कि बेटे की चाहत में गर्भ में भ्रूण की जांच नही करवानी चाहिए यह एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि आज देश में बेटों से ज्यादा बेटियां नाम कमा रही है एवं बालिकाओं को शिक्षित करने से दो परिवार शिक्षित होंगे तथा समाज शिक्षित होगा। पीसीपीएनडीटी काउंसलर नगीना गुप्ता ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए कन्या भू्र्रण हत्या रोकने के उपाय के बारे मे जानकारी दी साथ ही मुखबिर योजना के तहत मिलने वाली राशि के बारे मे बताया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बालिकाओं के अधिकार एवं बालिकाओं का शिक्षा के साथ-साथ अपने कौशल का विकास कर निडर होकर हर क्षेत्र मे नाम रोशन करने की सलाह दी।बाल कल्याण समिति के सदस्य फजले अहमद ने उपस्थित बालिकाओ को निडर होकर मंच पर अपने विचार व्यक्त करने एवं बालिकाओं को अपने अधिकारो के प्रति जागरूक होने की बात कही। अंत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शपथ कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग की पर्यवेक्षक गोमती मीणा, केंद्र प्रबंधक सीमा चतुर्वेदी, महिला कल्याण अधिकारी सविता शर्मा, प्रियंका बिंदल, छवी शर्मा उपस्थित रहे।

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